तालिबान की जनसंख्या कितनी है | Taliban Ki Jansankhya Kitni Hai

तालिबान की जनसंख्या कितनी है : अफगानिस्तान में स्थित यह तालिबान एक आतंकी संगठन है जिसने पिछले वर्ष 15 अगस्त 2021 को अफ़ग़ानिस्तान पर फिर से एक बार कब्जा कर लिया था और अभी तक वहां पर अपनी हुकूमत को चला रहा है

आपको इस बात का पता शायद होगा कि जब हमारा भारत एक और 15 अगस्त 2021 को अपनी स्वतंत्रता के जशन को मना रहा था तो वहीं दूसरी और अफगानिस्तान में इसी दिन अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान को छोड़ दिए जाने के बाद वहां पर आतंकवादी संगठन तालिबान के लड़ाकों ने  अफ़ग़ानिस्तान पर फिर से कब्जा कर लिया था

आज के इस लेख में हम इसी आतंकवादी संगठन तालिबान के बारे में जानने वाले हैं और साथ ही हमारे लेख का मुख्य विषय होगा तालिबान की जनसंख्या और उससे संबंधित कुछ अन्य तथ्य जो शायद आप इस आतंकी संगठन के बारे में ना जानते हो

 

Taliban Ki Jansankhya Kitni Hai
तालिबान की आबादी कितनी है

 


तालिबान की जनसंख्या कितनी है – Taliban Ki Jansankhya Kitni Hai 

एक इस्लामिक राष्ट्र अफगानिस्तान जिसकी जनसंख्या लगभग 40 करोड़ के तकरीबन हैं और इसी इस्लामिक राष्ट्र पर एक आतंकवादी संगठन तालिबान जिसकी संख्या 2.50 करोड़ हैं

परंतु तालिबानियों की जनसंख्या शुरुआत से ही इतनी ज्यादा नहीं थी जब 1999 में इनकी जनसंख्या का पहली बार पता लगाया गया था तब इनकी जनसंख्या एक करोड़ के तकरीबन हुआ करती थी

क्योंकि इनके द्वारा अफगानिस्तान के बहुत से नौजवानों को अपने बहकावे में तालिबानी आतंकवादी संगठन में शामिल होने के लिए उकसाया गया और उन्हें इस्लाम के नाम पर अपने गुट में एक आतंकवादी के तौर पर शामिल कर लिया गया था

जब 2007 में इनकी जनसंख्या को नापा गया था तो इस आतंकवादी संगठन के आतंकवादियों की संख्या 1.51 करोड़ थी

2017 में यह जनसंख्या 1.90 करोड़ तक पहुंच गई थी

यह डाटा अमेरिका की सेनाओं द्वारा जो कि अफगानिस्तान में इस आतंकवादी संगठन के सामने लड़ रही थी जारी किया जाता था और यह बताया जाता था कि इनकी जनसंख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है

इस तरह मात्र कुछ वर्षों में ही इस आतंकवादी संगठन की जनसंख्या 1999 की जनसंख्या के मुकाबले 2021 में दोगुना हो गई है

हालांकि अफगानिस्तान का कुछ क्षेत्र जो कि इसके उत्तर पूर्वी क्षेत्र में पड़ता है वह आज भी इनके चंगुल से आजाद हैं और वहां पर स्वतंत्रता अलायंस नामक संगठन द्वारा इन आतंकवादियों का लगातार मुकाबला किया जा रहा है

पिछले वर्ष जब 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ घनी द्वारा अपना देश छोड़ दिया गया तब से ही अफगानिस्तान में लगातार अव्यवस्था अपने उफान पर आई हुई है और इस कारण से यहां पर जनसंख्या संबंधी कार्य भी नहीं हो रहे हैं

यह भी एक कारण हो सकता है कि इन तालिबानियों की जनसंख्या का एकदम सटीक अनुमान लगाना असंभव हैं


तालिबान की (आबादी ) जनसंख्या बढ़ने के कारण – Reasons of Taliban population raising 

तालिबान की स्थापना से लेकर अब तक इनकी जनसंख्या में लगातार बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होती जा रही है जिसके लिए निम्न कारण जिम्मेदार हैं

1) इस्लाम के नाम पर युवाओं को अपने गुट में शामिल करना

इस आतंकी संगठन तालिबान द्वारा अपने शुरुआती समय से ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ युवाओं को इस्लाम के नाम पर अपने संगठन में शामिल किया जा रहा है जो कि इनकी जनसंख्या बढ़ने का एक मुख्य कारण भी माना जाता है

2) अन्य आतंकी संगठनों का इनमें शामिल होना

इनकी जनसंख्या बढ़ने का एक और कारण यह है कि कुछ अन्य संगठन जैसे कि  जैश ए मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के कुछ आतंकी भी अपने मूल आतंकी संगठनों को छोड़कर इन में शामिल हो रहे हैं क्योंकि अब इन्हें अफगानिस्तान की पूरी सत्ता मिल चुकी है जिसकी बदौलत वह बेहद आराम से अफगानिस्तान में निवास कर सकते हैं

3) महिलाओं के साथ अत्याचार होना

इन आतंकवादियों का मूल मकसद होता है अपनी जनसंख्या में लगातार वृद्धि करना इसके लिए उनके द्वारा बहुत सारी महिलाओं के साथ विवाह कर लिया जाता है और उनके गर्भ से अधिकतम बच्चों को जन्म दिए जाने का प्रयास किया जाता है

4) शुरुआत से ही इस्लामी कट्टरपंथ को बढ़ावा देना

इस आतंकी संगठन का मूल उद्देश्य यह रहता है कि छोटे से बच्चों में भी यह जहर भर दिया जाए की इस्लाम के सामने जो भी खड़ा होता है वह हमारा दुश्मन है इसीलिए एक कारण यह भी हो सकता है कि अपने जन्म की शुरुआत से ही बच्चे इनके बहकावे में आ जाते हैं

तो कुछ इन्हीं कारणों की वजह से तालिबानियों की जनसंख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही हैं


तालिबान का इतिहास – History of Taliban

इस्लामी कट्टरपंथ किस प्रकार से एक आतंकवादी संगठन का स्वरूप ले लेता है इसका जीता जागता उदाहरण हमें तालिबान के द्वारा दिखाई देता है

तालिबान का उदय 1990 के तकरीबन माना जाता है जब अमेरिका और सोवियत संघ रूस के मध्य शीत युद्ध अपने चरम दौर पर चल रहा था

अफगानिस्तान में जब सोवियत संघ की सेनाएं वापस लौट रही थी तो इस्लामिक कट्टरवाद से ग्रस्त कुछ छात्र संगठनों ने इन सेनाओं पर हमला कर दिया जिसमें की सोवियत संघ की सेना के कई सारे जवानों को अपनी जान गवानी पड़ी

इस प्रकार यहीं से इस आतंकवादी संगठन का उदय माना जाता है जो कि एक छोटे से छात्र संगठन द्वारा आज दुनिया भर में सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन बन चुका है

तालिबान शब्द एक पसथो शब्द हैं जिसका अर्थ होता है छात्रों का संगठन

तालिबान की जनसंख्या कितनी है और यह किस रफ्तार से बढ़ रही हैं इसको जानने के लिए इसका उदय ही काफी है

स्पष्ट रूप से तालिबान की स्थापना का श्रेय 1994 में इसके वास्तविक संस्थापक मोहम्मद उमर को जाता है जिसके द्वारा सोवियत संघ के समक्ष युद्ध किया जा रहा था

यह युद्ध एक बहुत बड़े स्तर पर तो नहीं हो रहा था परंतु इस संगठन द्वारा सोवियत संघ की वापस जाती हुई सेनाओं पर बार बार हमले किए जा रहे थे और उनके हथियारों को हड़पा जा रहा था

मोहम्मद उमर द्वारा 1994 में इस्लाम के नाम पर इस तालिबानी आंदोलन की शुरुआत की गई थी और 1995 के शुरुआती दौर में उसने अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों पर कब्जा करना भी शुरू कर दिया था

परंतु सितंबर 1996 आते-आते अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर भी इस आतंकी संगठन तालिबान का पूर्ण रूप से कब्जा हो चुका था और यहीं से अमेरिका की शुरुआत होती हैं इस युद्ध में उतरने की


अमेरिका और तालिबानियों के संबंध – Relation of America and Taliban

जब यह आतंकवादी संगठन अपने शुरुआती दौर में था तो अमेरिका द्वारा इसका भरपूर सहयोग किया जा रहा था क्योंकि अमेरिका यह चाहता था कि यह आतंकवादी रूस की सेनाओं को तहस-नहस कर दे

क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से रूस और अमेरिका के बीच में शीत युद्ध अपनी चरम सीमा पर चला आ रहा था और इस कारण से अमेरिका द्वारा सीधे रूप में रूस का सामना करना असंभव प्रतीत होता था

जब 9/11 हमला हुआ तो अमेरिका अचानक से इसी तालिबानी संगठन के सामने खड़ा हो गया

क्योंकि अब इस आतंकवादी संगठन द्वारा अमेरिका के एक शहर न्यूयॉर्क में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कर दिया गया था हालांकि वे आतंकवादी किसी अन्य संगठन के जरूर थे परंतु उन आतंकवादियों को शरण देने का आरोप पूर्ण रूप से तालिबान पर लगाया गया था

अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में अपने सैन्य मिशन की शुरुआत 21वीं सदी की शुरुआत में कर दी गई थी क्योंकि अमेरिका अपने ऊपर हुए आतंकवादी हमले का बदला लेना चाहता था

अक्टूबर माह 2001 को अमेरिका की सेनाओं द्वारा जो कि अमेरिका के स्पेशल फोर्सेज के कमांडो थे अफगानिस्तान पर हमला कर दिया गया और मात्र 1 से 2 महीनों में यहां स्थित आतंकवादी संगठन तालिबान का शासन पूर्ण रूप से खत्म कर दिया गया

इतना बड़ा हमला होने के बाद तालिबान के बहुत सारे लड़ाके अलग-अलग देशों में शरणार्थी के रूप में चले गए जिनमें कि पाकिस्तान एक प्रमुख देश माना जाता है जिसने की इन आतंकवादियों को पनाह दी थी

परंतु पिछले वर्ष 15 अगस्त 2021 को अमेरिका की सेनाओं द्वारा जब अफगानिस्तान को छोड़ दिया गया तो फिर से इन आतंकवादियों ने इकट्ठा होकर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हमला कर दिया और इसे अपने कब्जे में ले लिया

आज तक इन आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में शासन संचालित किया जा रहा है और लगभग दुनिया के कई सारे देशों ने इनको स्वीकृति दे दी हैं और हो सकता है आने वाले समय में भारत द्वारा भी इनके साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए स्वीकृति प्रदान की जाए


FAQs : तालिबान की जनसंख्या कितनी है – Population of Taliban

सवाल : तालिबान की वर्तमान जनसंख्या कितनी है

तालिबान की वर्तमान जनसंख्या 2.50 करोड़ है

सवाल : तालिबान की स्थापना कब हुई थी

तालिबान की स्थापना 1994 में हुई थी

सवाल : तालिबान की स्थापना किसके द्वारा की गई थी

आतंकवादी संगठन तालिबान की स्थापना 1994 में मुल्लाह मोहम्मद उमर द्वारा की गई थी

सवाल : पहली बार तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब कब्जा किया था

तालिबानियों द्वारा पहली बार सन् 1996 में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा किया गया था

सवाल : दूसरी बार तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब कब्जा किया था

तालिबानियों द्वारा दूसरी बार पिछले वर्ष यानी कि 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा किया गया था


Conclusion

तो पाठको हम आशा करते हैं कि आपको आज का हमारा यह लेख तालिबान की जनसंख्या कितनी है पसंद आया होगा और इसे पढ़कर आपको महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई होंगी

अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो अपने अमूल्य comment  हमारे comment box में जरूर लिखें ताकि आगे आने वाले समय में हम आपके लिए इसी प्रकार के विषयों पर ज्ञानवर्धक लेख लाते रहे और आपके knowledge में वृद्धि करते रहे

Leave a Comment