Bharat ke kaun se pradhanmantri ka karyakal sabse chhota tha

आज का विषय राजनीति विज्ञान से संबंधित है और इसका नाम है Bharat ke kaun se pradhanmantri ka karyakal sabse chhota tha !

और उनसे संबंधित बहुत सी जानकारियां और साथ ही हम इस लेख में भारत के प्रधानमंत्रियों से संबंधित अन्य जानकारीयों को भी आपके साथ साझा करेंगे।

भारत मे शासन की संसदीय प्रणाली को अपनाया गया है जिसमें की राष्ट्र में दो प्रमुख होते हैं, एक वास्तविक प्रमुख और एक होता है

नाम मात्र का प्रमुख, भारत में राष्ट्रपति को संवैधानिक आधार पर नाम मात्र का प्रमुख कहा जाता है तो वहीं प्रधानमंत्री को वास्तविक प्रमुख कहा जाता है जो कि मंत्रिपरिषद के साथ मिलकर संपूर्ण देश को चलाने का काम करता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 में यह लिखा हुआ है कि राष्ट्रपति को सहायता देने के लिए एक मंत्री परिषद होगी और इस मंत्री परिषद का प्रमुख प्रधानमंत्री होगा।

भारत में प्रधानमंत्री की शक्ति का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत सरकार के जो भी प्रमुख निर्णय होते हैं और वह प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति के द्वारा ही लिए जाते हैं।

 

Bharat ke kaun se pradhanmantri ka karyakal sabse chhota tha

 

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भारत में अब तक कितने प्रधानमंत्री हुए

भारत में अब तक कुल 15 प्रधानमंत्री रह चुके हैं। इनमें से कुछ प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल सबसे लंबा रहा तो कुछ प्रधानमंत्रियों का काल मात्र कुछ दिनों तक ही सीमित रहा।

 

भारत में किस प्रधानमंत्री का कार्यकाल सबसे लंबा रहा

भारत के कुल 15 प्रधानमंत्रियों में से सबसे लंबा कार्यकाल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रहा था ।

उनका कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक रहा जो कि लगभग 17 वर्षों का कार्यकाल था।

भारत के सबसे लंबे प्रधानमंत्री के कार्यकाल के साथ-साथ पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के सर्वाधिक समय तक विदेश मंत्री भी रहे थे।

यह मोतीलाल नेहरू के पुत्र थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी जो कि एक कश्मीरी पंडित थे।

इनकी लोकप्रियता बच्चों में अधिक होने के कारण इन्हें चाचा नेहरू भी कहा जाता है और साथ ही 14 नवंबर को इनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में हर वर्ष राष्ट्र बाल दिवस भी मनाया जाता है।

उन्होंने भारत को उस हाल से उठाया था जब अंग्रेजों द्वारा उसे पूर्ण रूप से शोषित कर लिया गया था इनके द्वारा कई ऐसे कार्यक्रमों की शुरुआत की गई थी जिससे भारत आज विश्व के उन्नत देशों में गिना जाता है।

 

भारत के किस प्रधानमंत्री का कार्यकाल सबसे छोटा रहा 

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि श्री अटल बिहारी वाजपेई का कार्यकाल भारत के प्रधानमंत्री के रूप में सबसे छोटा रहा था उनका कार्यकाल मात्र 13 दिनों का था।

अटल बिहारी वाजपेई द्वारा 1996 में कई पार्टियों के साथ मिलकर एक गठबंधन सरकार का निर्माण किया गया था जो कि मात्र 13 दिनों तक चली और अन्य पार्टियों का समर्थन वापस ले लेने के कारण उनकी सरकार को गिरा दिया गया।

परंतु अटल बिहारी वाजपेई एक बार भारत के पूर्णकालिक प्रधानमंत्री भी रहे उनका कार्यकाल 1998 से लेकर 2004 तक रहा था।

अटल बिहारी वाजपेई के प्रधानमंत्री कार्यकाल की सबसे प्रमुख जो घटना मानी जाती हैं, वह राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण को करना था जो कि इंदिरा गांधी के बाद इनके द्वारा दूसरी बार किया गया था।

संपूर्ण विश्व के कई शक्तिशाली देशों द्वारा प्रतिबंध के बावजूद भी अटल बिहारी वाजपेई ने अपनी सूझबूझ से इस परमाणु परीक्षण को संपूर्ण रूप से पूर्ण किया और भारत को एक अलग परमाणु शक्ति के रूप में विश्व में स्थापित किया।

अटल बिहारी अटल बिहारी वाजपेई जी को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। 2018 मे इनका निधन हो गया था।

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में अटल बिहारी वाजपेई जी का बहुत बड़ा योगदान रहा था, इन्होंने मुरली मनोहर जोशीलालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर बीजेपी की स्थापना की थी जो कि पूर्व में जनसंघ के नाम से जाना जाता था।

 

क्या भारत के कोई कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी रहे 

हालांकि भारत के संविधान में उप प्रधानमंत्री और कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पद का उल्लेख तो नहीं है परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसे पदों पर अलग-अलग व्यक्तियों को आसीन किया गया था !

इनमें से एक थे गुलजारी लाल जी नंदा जो भारत के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे थे।

इनका पहला कार्यकाल पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद रहा था जो कि 27 मई 1964 से लेकर 9 जून 1964 तक रहा था।

यह योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे थे जिसकी स्थापना पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा भारत के नीति निर्माण हेतु की गई थी और इसका प्रमुख प्रधानमंत्री होता था।

इनका दूसरा कार्यकाल 11 जनवरी 1966 से लेकर 24 फरवरी 1966 तक रहा था। जब हमारे देश के दूसरे प्रधानमंत्री पंडित लाल बहादुर शास्त्री का निधन हो गया था।

पंडित लाल बहादुर शास्त्री का निधन वर्तमान उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में हुआ था जो कि एक रहस्यमई मृत्यु थी।

इस प्रकार से श्री गुलजारीलाल जी नंदा भारत के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे इनके बाद आज तक कोई भी व्यक्ति कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रहा है।

यह कार्यवाहक प्रधानमंत्री का पद उस समय शुरू किया गया था जिस समय भारत को किसी प्रधानमंत्री की बेहद आवश्यकता थी और इतने महत्वपूर्ण पद को रिक्त नहीं छोड़ा जा सकता था।

 

भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे 

भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे जो कि भारत के सबसे लंबे कार्यकाल तक रहने वाले प्रधानमंत्री भी थे।

पंडित जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल लगभग 17 वर्षों का रहा था। इनका कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक रहा था।

 

भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री कौन हैं 

भारत में शायद ही कोई व्यक्ति हो जो भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री के बारे में ना जानता हो भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास जी मोदी हैं

यह गुजरात के सर्वाधिक समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री भी है और यह मुख्यता आरएसएस के स्वयंसेवक भी रह चुके हैं।

यह भारत के 15 वे  प्रधानमंत्री हैं। 2014 में इनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार स्पष्ट बहुमत मिला था।

यह किसी भी दल को मिलने वाला पहला स्पष्ट बहुमत था, 1984 के बाद इससे पहले 1984 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 415 सीटें लोकसभा चुनावों में मिली थी जो कि किसी भी राजनीतिक पार्टी द्वारा जीती जाने वाली सबसे ज्यादा सीटें थी।

2019 मे भारत की जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुना और वह वर्तमान तक भारत के प्रधानमंत्री हैं। इनका संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश का वाराणसी है जहां से यह सांसद हैं।

 

भारत के वे प्रधानमंत्री जिनके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं 

भारत में कई प्रधानमंत्री ऐसे हुए जिनकी लोकप्रियता बहुत ऊंची थी परंतु कुछ प्रधानमंत्री ऐसे भी हुए जिनके बारे में लोगों को बहुत कम पता है।

इस लेख में हम कुछ ऐसे प्रधानमंत्रियों की चर्चा करने वाले हैं जिनकी लोकप्रियता भारत में इतनी ज्यादा नहीं रही।

  • विश्वनाथ प्रताप सिंह

इनका कार्यकाल 1990 से 1990 तक रहा। 1990 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई लेकिन कांग्रेस उस समय भी सबसे बड़ा दल था जिसे 197 सीटें प्राप्त हुई थी।

1990 में विश्वनाथ प्रताप सिंह हमारे देश के अगले प्रधानमंत्री बने यह एक गठबंधन सरकार थी।

इनके समय की सबसे महत्वपूर्ण घटना यह मानी जाती है कि इन्होंने अगस्त 1990 में ओबीसी को आरक्षण प्रदान किया था जिसकी सिफारिश बीपी मंडल आयोग ने की थी।


  • चंद्रशेखर

इनका कार्यकाल 1990 से लेकर 1991 तक रहा था। इनकी सरकार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पूर्ण समर्थन प्राप्त था इस कारण से इनकी सरकार भी एक गठबंधन सरकार थी।

इनके समय की सबसे महत्वपूर्ण घटना यह मानी जाती है कि इन्हीं के कार्यकाल में  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत का सोना गिरवी रखा गया था।

इनका उपनाम युवा तुर्क था। इनकी आत्मकथा का नाम मेरी जेल डायरी हैं जो कि आपातकाल के दौरान लिखी गई थी।


  • पीवी नरसिम्हा राव

इन का कार्यकाल 1991 से लेकर 1996 तक रहा था। इनकी सरकार में भारत के प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह जी भारत के वित्त मंत्री थे।

इनके कार्यकाल में भारत आर्थिक तंगी से जूझ रहा था इसे देखते हुए मनमोहन सिंह के साथ मिलकर उन्होंने कुछ आर्थिक सुधारों को लागू किया जिन्हें राव-सिंह सुधार कहा जाता है।

पीवी नरसिम्हा राव को भारतीय राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है और साथ ही इन्हें मौनी बाबा भी कहा जाता है क्योंकि यह बहुत ही कम बोलते थे अर्थात की अल्प भाषी थे।

इनकी आत्मकथा का नाम इंसाइडर है जिसमें कि उन्होंने भारत की तत्कालीन स्थिति का वर्णन किया है जब भारत आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।


  • एच डी देवगौड़ा

इनका कार्यकाल 1996 से लेकर 1997 तक रहा था।

यह कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।  इनकी सरकार में इंद्र कुमार गुजराल विदेश मंत्री रहे जो बाद में जाकर भारत के प्रधानमंत्री भी रहे थे इनकी सरकार ने मात्र 11 महीने ही काम किया था।


  • इंद्र कुमार गुजराल

इनका कार्यकाल 1997 से लेकर 1998 तक रहा। यह 1996 से लेकर 1998 तक भारत की विदेश मंत्री भी रहे थे।

भारत के विदेश मंत्री रहते हुए इंद्र कुमार गुजराल ने भारत के पड़ोसी देशों के साथ पहल करके जो मधुर संबंध स्थापित किए थे उसे गुजराल सिद्धांत के रूप में जाना जाता है इन्हीं गुजराल सिद्धांत को आज भी भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना रहे हैं।

तो इस प्रकार हमने आज के लेख में भारत के प्रधानमंत्रियों की चर्चा की हमने जाना कौन भारत के पहले प्रधानमंत्री थे, कौन वर्तमान प्रधानमंत्री हैं, किस प्रधानमंत्री का कार्यकाल सबसे ज्यादा रहा और किस प्रधानमंत्री का कार्यकाल सबसे छोटा रहा।

इन्हीं सभी बातों को हमने इस आज के लेख में आपको बताया है अगर आपको यह लेख पसंद आता है तो आप अपने प्यार को हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर टाइप करें ताकि आगे भी हम आपके लिए इसी प्रकार के जानकारीप्रद  लेख ला सके।


Conclusion

इस ब्लॉग लेख में आपने  के Bharat ke kaun se pradhanmantri ka karyakal sabse chhota tha बारें में जाना।

आशा करते है आप सबसे छोटा कार्यकाल भारत के किस प्रधानमंत्री का था की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

अगर आपका इससे संबन्धित किसी भी तरह का सवाल है तब नीचे कमेन्ट में पूछ सकते है जिसका जवाब जल्द से जल्द दिया जायेगा।

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