भारत की खोज किसने की थी | Bharat ki khoj kisne ki thi

Bharat ki khoj kisne ki  : हम एक स्वतंत्र देश में रहते है, जो कई सालों से गुलामी की जंजीरो में जकड़ा हुआ था। जिसको आजाद कराने में हमारे क्रांतिकारियों का बहुत बड़ा हाथ है।

देश के क्रांतिकारियों ने हमें स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपने प्राणों की अहुति दे दी। इन्ही की बदोलत आज हम इस देश में स्वतंत्रता से जी रहे है।

हमारे देश का नाम भारत है, भारत दक्षिण एशिया में स्थित सबसे बड़ाभारत देश है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है,

और जनसंख्या की दृष्टि से देखा जाए तो चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश भारत है। इस देश में ना सिर्फ हिंदु बल्कि सभी धर्मों के लोग शांति के साथ रहते है।

इतना ही नही यहां के हर राज्यों में अलग अलग बोली बोली जाती है। भारत ही एक ऐसा देश है जहां विविध प्रकार की भाषा बोली जाती है। भारत देश के हर राज्य की अपनी एक खासियत है।

भारत के नागरिकों को भारतीय कहा जाता है। भारत देश का नाम ऋषभदेव के पुत्र चक्रवर्ती भरत के नाम पर भारतवर्ष पड़ा।

भारत देश को इंग्लिस में INDIA के नाम से जान जाता है। जब ब्रिटिश भारत आए तो उस समय भारत को ‘हिंदुस्तान‘ और ‘हिन्द‘ कहा जाता था,

हिंदी में भारत के इन नामों को अंग्रेज़ों को बोलने में काफ़ी परेशानी होती थी। अंग्रेज़ों ने भारत का ऐसा नाम रखने की सोची जिसे अंग्रेज़ों आराम सो बोल सके।

और जब उन्हे पता चला की प्राचीन ‘सिंधु घाटी सभ्यता’ को ‘इंडस वैली‘ और ‘सिंधु नदी‘ को ‘इंडस नदी’ कहते हैं। तो अंग्रेज़ों को ये नाम बोलने में सही लगा और उन्होने इसी के आधार पर भारत को ‘इंडिया’ नाम दिया। और तभी से भारत को INDIA के नाम से भी जाना जाने लगा।

Bharat ki khoj kisne ki
Bharat ki khoj kisne ki

 

Personal Details

जन्म 1460 or 1469
मृत्यु 24 December 1524
पत्नी Catarina de Ataíde
संतान Francisco da Gama, Estêvão da Gama,Cristóvão da Gama
माता – पिता Estêvão da Gama (father), Isabel Sodré (mother)
पेशा खोजकर्ता, भारत देश की की खोज

 

भारत की खोज किसने की थी | Bharat ki khoj kisne ki 

भारत एक महान देश है। और ये देश कई गुलामी की जंजीर को पार करके एक स्वतंत्र देश बना है। भारत जैसे महान देश की खोज का श्रेय Vasco da Gama को जाता है।

वास्कोडिगामा ने ही 20 मई 1498 को भारत की खोज की थी। वास्कोडिगामा पुर्तगाली था। जो की पानी के रास्ते से भारत आया था। और उसने भारत की खोज की। वास्कोडिगामा को खोजबीन करने में बहुत दिलचस्पी थी। जिसके फल स्वरुप उसने भारत की खोज की।

 

Bharat ki khoj kisne ki

 

व्यापार को सरल बनाने के लिए वास्कोडिगामा ने भारत की खोज की थी। लेकिन इसका फायदा यूरोपियों, डच, अंग्रेजो आदि को हुआ। उन्होने बारी बारी से भारत पर हुकुमत की।

यूरोप के नाविक Christopher Columbus भी भारत के समुद्री मार्ग को खोजने के लिए निकल पड़े थे। जो कि इटली के निवासी थे।

भारत का समुद्री मार्ग खोजने निकले कोलंबस अटलांटिक महासागर में भम्रित हो गए, और अमेरिका की तरफ पहुंच गए। वहां पहुंचकर कोलंबस को लगा कि अमेरिका ही भारत है।

यही कारण है कि अमेरिका के मूल निवासियों को रेड इंडियंस के नाम से जाना जाने लगा। और इसके बाद कहा जाने लगा कि कोलंबस ने अमेरिका की खोज की।

कोलंबस की यात्रा के 5 साल बाद पुर्तगाल के नाविक वास्कोडीगामा भारत का समुद्री मार्ग खोजने निकले। और वास्कोडीगामा ने समुद्र के रास्ते भारत पहुंचने का एक नया मार्ग खोज लिया था।

 

वास्कोडिगामा कौन था | Vaaskodigaama kaun tha 

माना जाता है कि वास्कोडिगामा का जन्म 1460 ई0 के आस पास साइन्स, पुर्तगाल के दक्षिण-पश्चिमी तट के निकट हुआ था। वास्कोडिगामा के जन्म के बारे में इतिहास में सही से उल्लेख नही है।

इसलिए हम 1460 ई0 के आस पास के समय को ही वास्कोडिगामा के जन्म का साल कह सकते है।

वास्कोडिगामा ने पुर्तगाल के साइन्स में जन्म लिया था। साइन्स पहले के समय में मछुआरों की झोंपड़ियों का समूह था, और अब ये अलेन्तेजो तट के बंदरगाहों में से एक है।

वास्कोडिगामा के पिता एस्तेवाओ द गामा, 1460 में ड्यूक ऑफ विसेयु, डॉम फर्नैन्डो के यहां एक नाइट थे। डॉम फर्नैन्डो ने एस्तेवाओ द गामा को साइन्स का नागर-राज्यपाल नियुक्त किया हुआ था।

वास्कोडिगामा के पिता उन दिनों साइन्स के साबुन कारखानों से कर वसूलते थे। एस्तेवाओ द गामा का विवाह डोना इसाबेल सॉद्रे से हुआ था।

पुर्तगाली इतिहासकार के अनुसार वास्कोडिगामा की शिक्षा एवोरा शहर में हुई थी। जहां उन्होंने गणित और नौवहन का ज्ञान अर्जित किया। साथ ही वास्कोडिगामा को खगोलशास्त्र का भी ज्ञान था, जो उन्होंने खगोलज्ञ अब्राहम ज़क्यूतो से लिया था।

 

भारत का इतिहास | Bharat ka itihas 

प्रारंभिक मध्ययुगीन काल में, इसाई धर्म, इस्लाम, यहूदी धर्म और पारसी धर्म ने भारत के दक्षिणी और पश्चिमी तटों पर जड़ें जमा लीं थी।

मध्य एशिया से मुस्लिम सेनाओं ने भारत के उत्तरी मैदानों पर लगातार अत्याचार किया, उसके बाद दिल्ली सल्तनत की स्थापना हुई और उत्तर भारत को मध्यकालीन इस्लाम साम्राज्य में मिला लिया गया।

15 वीं शताब्दी में, विजयनगर साम्राज्य ने दक्षिण भारत में एक लंबे समय तक चलने वाली समग्र हिंदू संस्कृति बनाई।

धीरे-धीरे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का विस्तार हुआ, उसने भारत पर अपना कब्जा किया और भारत को औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था में बदल दिया।

सन् 1858 में ब्रिटिश राज शासन शुरू हुआ। अंग्रेजो नें भारतीय नागरिकों पर बहुत अत्याचार किए। और भारतीय लोगो को अपना गुलाम बनाकर रखा।

अंग्रेजो के समय में भारतीयो के हालात बहुत बुरे थे। उन्हे बोलने का भी हक नही था। अगर वो अपनी बात रखते भी थे, तो उन्हे कोढे मारे जाते थे।

धीरे धीरे एक प्रभावशाली राष्ट्रवादी आंदोलन शुरू हुआ, जिसने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने का कार्य किया। सन् 1947 में ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य को दो स्वतंत्र प्रभुत्वों में विभाजित किया गया, भारतीय अधिराज्य तथा पाकिस्तान अधिराज्य, जिन्हे धर्म के आधार पर विभाजित किया गया। और आज भारत देश में सभी धर्मों के लोग मिल-झुलकर रहते है।

 

भारत देश की विशेषता | Bharat Desh ki vishashta

भारत को आध्यात्मिकता, दर्शन, विज्ञान और प्रौद्योगिकीय की भूमि भी कहा जाता है। और ये देश कृषि और खेती के लिये भी प्रसिद्ध है। इसलिए इसे कृषि प्रधान देश भी कहते है।

भारत गन्ना, कपास, जूट, चावल, गेंहूँ, दाल आदि फसलों के उत्पादन के लिये प्रसिद्ध है। भारत देश में अनाज और फल स्वयं पैदा किया जाता है और इस्तेमाल किया जाता  है।

पर्यटन के लिए भी ये बहुत प्रसिद्ध है। पहले के समय के लोगो ने कई ऐसी धरोहरों का निर्माण किया था। जो आज पर्यटन का केंद्र बन चुकी है

जैसे- ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, स्वर्ण मंदिर, कुतुब मीनार, लाल किला, ऊटी, नीलगिरी, कश्मीर, खजुराहों, अजन्ता और एलोरा की गुफाएँ आदि।

यहां स्मारकों, मकबरो, चर्चों, ऐतिहासिक इमारतों, मंदिर, संग्रहालयों, रमणीय दृश्य, वन्य जीव अभ्यारण्य, वास्तुशिल्प की कई जगह है जो सभी देश के लोगो को अपनी ओर आकृषित करती है।

भारत एक महान नदियों का देश भी है यहां नदियों को पवित्र मानकर पूजा जाता है। ये पहाड़ों, घाटियों, झील और महासागरों का भी देश है। भारत देश में 29 राज्य और 7 केन्द्र शासित प्रदेश है।

भारत की इस पवित्र धरती पर महान लोगो ने जन्म लिया है। जिसमें शिवाजी, गाँधीजी, नेहरु, डॉ अंबेडकर डॉ जगदीश चन्द्र बोस, डॉ होमी भाभा, डॉ सी.वी.रमन, डॉ नारालिकर, टी.एन.सेशन, पदुरंगाशास्त्री अलवले आदि शामिल है।

भारत का राष्ट्रीय पशु चीता, राष्ट्रीय पक्षी मोर, राष्ट्रीय फूल कमल, और राष्ट्रीय फल आम है। भारती के झंडे में तीन रंग है,। जो हरियाली, शांति और शुद्धता का प्रतिक है।

झंडे में सबसे ऊपर केसरिया रंग होता है। जिसका अर्थ शुद्धता है। झंडे के में बीच में सफेद रंग होता है जिसमें अशोक चक्र है होता है। झंडे के में बीच में सफेद रंग शांति का प्रतीक है। झंडे में सबसे नीचे हरा रंग होता है जिसका अर्थ उर्वरता से है।

अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं। भारत का राष्ट्र गान “जन गण मन”, राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” और राष्ट्रीय खेल हॉकी है।

 

FAQ’s Bharat ki khoj 


सवाल : भारत की खोज सबसे पहले किसने की ?

जवाब : सब से पहले भारत की खोज पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को डी गामा ने की थी

सवाल : वास्को डी गामा का पसंदीदा रंग क्या था ?
जवाब : वास्को डी गामा का पसंदीदा रंग भूरा और नीला था |

सवाल : भारत के खोज के बाद क्या वास्को डी गामा गोवा आए थे?
जवाब : जी हाँ वह 11 सितंबर 1524 को गोवा पहुंचे लेकिन तीन महीने बाद कोच्चि में उनकी मृत्यु हो गई

सवाल : भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज कब तथा किसने की
जवाब : भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज वास्कोडिगामा ने 20 मई 1498 ईस्वी को किया था

सवाल : वास्कोडिगामा का जहाज का क्या नाम था
जवाब : सैन गेब्रियल और साओ राफयल

सवाल : मृत्यु के बाद वास्को डी गामा को कहाँ दफनाया गया है ?
जवाब : वास्को डी गामा का 1524 में Kochi में निधन हो गया, जब वह भारत की अपनी तीसरी यात्रा पर थे। उनके शरीर को मूल रूप से इस चर्च में दफनाया गया था, लेकिन चौदह वर्षों के बाद उनके अवशेषों को लिस्बन ले जाया गया और अब Jerónimos Monastery में स्थित है

 

निष्कर्ष

आज के लेख में हम ने प्रसिद्ध सवाल ” Bharat ki khoj kisne ki ” जैसे विषय पर चर्चा की | और इस विषय में भारत की खोज किसने की थी सिमित वास्कोडिगामा कौन थे और उनका पूरा इतिहास के बारे में भी जानकारी साझा करने की कोशिश की है और उम्मीद करते है की आप को हमारी यह कोशिश पसंत आयी हो |

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