Bharat Mein Pahla ATM kis Shahar Mein Khola Gaya tha

Bharat Mein Pahla ATM kis Shahar Mein Khola Gaya tha – नमस्कार आप सभी का स्वागत है हमारी वेबसाइट नॉलेज तक में आज का विषय बहुत ही रोचक रहने वाला है भारत के किस शहर में सबसे पहले एटीएम की शुरुआत की गई थी।

आप सभी एटीएम के बारे में जरूर जनते होंगे और आप हमेशा इसका इस्तेमाल भी करते होंगे लेकिन क्या आप एटीएम के बारे में पूरी तरह से चित परिचित हैं , क्या आप एटीएम के बारे में सभी चीजों को अच्छी तरह से जानते हैं,

यदि नहीं तो आज के इस पूरे लेख में हम आपको एटीएम के बारे में कुछ अनसुनी और अनकही बातें बताने वाले है, इसीलिए इस लेख को शुरवात से अंत तक जरूर पढ़े जिसका आप को वर्तमान तथा भविष्य में जरूर फायदा होगा

 

Bharat Mein Pahla ATM kis Shahar Mein Khola Gaya tha

 

Bharat Mein Pahla ATM kis Shahar Mein Khola Gaya tha
Bharat Mein Pahla ATM kis Shahar Mein Khola Gaya tha in Hindi

 

एटीएम क्या है (ATM Kya Hota Hai)

आप सभी जानते होंगे एटीएम एक स्वचालित मशीन है जिसके द्वारा हम कहीं से भी पैसों को प्राप्त कर सकते हैं यानी कि कहीं भी अपने पैसों को निकाल  सकते हैं।

यह सुविधा आमतौर पर भारत के बैंकों द्वारा प्रदान की जाती है और साथ ही विश्व के सभी बैंकों द्वारा भी प्रदान की जाती हैं।

 

एटीएम का पूरा नाम क्या है (ATM Full Form in Hindi)

एटीएम का Full Form (ऑटोमेटिक टेलर मशीन है ) जो कि नागरिकों को नगद भुगतान प्रदान करती है एक कैशलेस एटीएम कार्ड द्वारा।

इसे आमतौर पर एटीएम कार्ड भी कहा जाता है जिसका इस्तेमाल हम दिन प्रतिदिन करते हैं, यह एक चुंबकीय कार्ड  होता है जिसके द्वारा हम इसे एटीएम में इंसर्ट करके पासवर्ड द्वारा पैसों का भुगतान करते हैं।

 

एटीएम की शुरुआत कब हुई (ATM ki Shurwat kab Hui) 

अगर बात की जाए एटीएम कार्ड की शुरुआत की तो इसकी शुरुआत सर्वप्रथम यूरोपीय देशों में की गई थी।

 पहला एटीएम  इंग्लैंड के लंदन में जून 1967 को लंदन के बरकाल्ज बैंक द्वारा लगाया गया था। 

इसके बाद धीरे-धीरे एटीएम एशिया की ओर अग्रसर होने लगा और सबसे पहले एशिया में जापान ने एटीएम को स्थापित किया था, सबसे पहले जापान द्वारा एशिया में 1968 में एटीएम लगाया गया था।

 

भारत में पहला ATM कहाँ खोला गया था ?(Bharat Main ATM ki Shurwat) 

भारत में एटीएम कार्ड की तो सबसे पहले 1987 में मुंबई के HSBC बैंक ने इसकी शुरुआत की थी

और उसके बाद धीरे-धीरे या भारत के बड़े-बड़े महानगरों में पहुंचता गया जैसे कि दिल्ली, चेन्नई ,कोलकाता और धीरे-धीरे करते हुए आज यह संपूर्ण देश में अपने प्रभुत्व को स्थापित किए हुए हैं ,

यानी कि यदि बात की जाए एटीएम की तो आज यह पूरे भारत में एक संपूर्ण नेटवर्क के रूप में विस्तृत हैं जो विभिन्न विभिन्न बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस प्रकार के एटीएम को देखने के बाद भारत के कई सारे बैंकों द्वारा भी अपने-अपने एटीएम को स्टार्ट किया गया जिसमें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और कई अन्य बैंकों ने भी अपने-अपने एटीएम पूरे देश में स्थापित किए !

और उन्हें इसमें सफलता भी मिली क्योंकि अब नागरिकों को बिना किसी झंझट के आसानी से अपने पैसों का भुगतान हो रहा था मात्र एक कैशलेस एटीएम कार्ड द्वारा।

 

एटीएम किसके द्वारा बनाया गया था (ATM kisane Banaya)

जैसा कि आप जानते हैं एटीएम मशीन एक पूर्णता इलेक्ट्रॉनिक आधारित मशीन है जो कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी का एक अद्भुत नमूना है।

एटीएम को बनाने का श्रेय इंग्लैंड के वैज्ञानिक जॉन शेफर्ड बैरोन को जाता है जिन्होंने अपनी पूरी इंजीनियरिंग टीम के साथ इसे बनाया था।

एटीएम को बनाने के बारे में जब इंग्लैंड के वैज्ञानिक जॉन शेफर्ड बैरन से पूछा गया तो उन्होंने इसको बनाने के पीछे एक बहुत ही शानदार तर्क दिया उन्होंने उत्तर दिया कि जब मैंने एक चॉकलेट वेल्डिंग मशीन को देखा था

जिसमें पैसे डालने पर बहुत सारी चॉकलेट बाहर आती थी तो मेरे मन में ख्याल आया कि काश एक ऐसी मशीन भी हो जिसमें हम एक कार्ड डालें और जितने पैसे हमें चाहिए उतने पैसे ही चॉकलेट की तरह निकल कर आ जाए।

 

एटीएम कार्ड कैसा दिखता है (ATM CARD kaise Dikhata Hai)

यह एक प्लास्टिक से बना कार्ड होता है जो कि प्रत्येक बैंक द्वारा जारी किया जाता है इस पर 16 अंकों का एक कार्ड नंबर होता है

और इसके पीछे एक CVC नंबर होता है जिससे कि किसी को भी भुगतान किया जाता है साथ ही इसके ऊपर उस बैंक का नाम लिखा होता है और साथ ही उस एटीएम कार्ड की अंतिम तिथि क्या होगी उसके बारे में अंकित होता है।

इसकी आकृति आयताकार होती हैं जिसे की इसे आसानी से एटीएम मशीन में इंसर्ट किया जा सके।

 

एटीएम मशीन कैसे काम करती हैं 

एटीएम मशीन में एटीएम कार्ड यूज करने के लिए सबसे पहले यूजर को एटीएम कार्ड इंसर्ट करना होता है उसके बाद यूजर्स के सामने कुछ ऑप्शन होते हैं पैसे निकालने के लिए यूजर को एक ऑप्शन पर क्लिक करना होता है जिसका नाम है मनी विड्रोल

उसके बाद उसे अपने एटीएम कार्ड के यूनिक पिन कोड इंसर्ट करने होते हैं और उसे कितने पैसे एटीएम से निकालने हैं उनको दर्ज करना होता है इस प्रक्रिया के बाद उपभोक्ता को उसके रुपयों का भुगतान किया जाता है, तो इस प्रकार से एटीएम मशीन से रुपए प्राप्त किए जाते हैं।

 

एटीएम कार्ड का उपयोग कौन से कामों में किया जा सकता है 

एटीएम कार्ड या फिर जिसे वर्तमान में डेबिट कार्ड कहा जाता है आज दुनिया की सबसे बड़ी आवश्यकता महसूस होती हैं।

अगर कोई सामान खरीदना हो, शॉपिंग करनी हो, होटल में खाना खाना हो और यहां तक की एक कप चाय पीने तक मे भी इसके द्वारा भुगतान किया जाना आम बात हो गई है, इसके द्वारा  भुगतान करके एक डिजिटल दुनिया में प्रवेश किया जा रहा है।

एटीएम कार्ड को सभी बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को सभी प्रकार के खातों पर उपलब्ध कराया जाता है चाहे वह बचत खाता हो या वह चालू खाता हो।

 

एटीएम कार्ड कितने तरह के होते हैं (ATM Card Ke Prakar)

आमतौर पर एटीएम कार्ड की बड़ी-बड़ी कंपनियों के आधार पर इसे चार भागों में विभाजित किया जाता है।

  • VISA CARD

पहला है वीजा कार्ड इसे अमेरिका की मल्टी फाइनेंसियल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया जाता है और आज के विश्व में यह सर्वाधिक लोकप्रिय भी हैं,

क्योंकि इसके द्वारा खुद के देश के साथ ही अन्य देशों में भी भुगतान किया जा सकता है जो कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती हैं।

साथ ही यह कांटेक्ट लेस प्रकार के भुगतान भी उपलब्ध कराता है जिससे बिना किसी कार्ड को छुए भी भुगतान किया जा सकता है।

इसको भी कई प्रकार की वर्गों में विभाजित किया गया है जैसे कि गोल्डन कार्ड, सिल्वर कार्ड, प्लेटिनम कार्ड इत्यादि।

यह कार्ड खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो ज्यादातर इंटरनेशनल पेमेंट करते हैं और एक देश से दूसरे देश में भुगतान करते हैं।


  • Master card

दूसरा है मास्टर कार्ड इसे भी अमेरिका की मल्टी फाइनेंस कंपनी द्वारा ही उपलब्ध कराया जाता है यह भी लगभग वीजा कार्ड की तरह ही काम करता है लेकिन उतना उन्नत नहीं है।

लेकिन इस की जो सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती है वह है इसका सुरक्षित पेमेंट गेटवे जिसमें कि किसी प्रकार की आंतरिक सुरक्षा को खतरा नहीं पहुंचता है और उपभोक्ता द्वारा आसानी से अन्य देशों तक भी पेमेंट किया जा सकता है।

आज भारत के कई सारे बैंकों द्वारा मास्टर कार्ड के साथ साझेदारी की हुई है और मास्टर कार्ड उन बैंकों के एटीएम कार्ड को बताओ तक पहुंचाता है और उन्हें ऑनलाइन पेमेंट की सुविधाएं उपलब्ध कराता है।


  • RuPay Card

तीसरा है रुपे कार्ड इस कार्ड को भारत में ही बनाया गया है जो कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती हैं।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में एक योजना चलाई गई थी जिसका नाम था प्रधानमंत्री जन धन योजना जिसके तहत उन व्यक्तियों के निशुल्क बैंक खाते खोले गए थे जो कि इन बैंक खातों को खोलने में असमर्थ है

जिससे कि भारत में उचित रूप से वित्तीय समावेशन का कार्य किया जा सके और साथ ही इस योजना के द्वारा खोले गए खातों के खाताधारकों को यह रुपे कार्ड बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराए गए हैं।

इस एटीएम कार्ड का उपयोग केवल भारत तक सीमित है इसलिए भारत के आम नागरिकों द्वारा इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है

और साथ ही इससे भुगतान करने पर किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं लिया जाता जो कि अन्य एटीएम कार्ड कंपनियों द्वारा लिया जाता है।


  • Contactless smart card

चौथा है कॉन्टैक्टलेस कार्ड इसकी शुरुआत हाल ही में भारत के कुछ प्राइवेट बैंकों द्वारा की गई है जैसे कि आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक।

इस की जो सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती हैं वह है बिना किसी हैंड टच मोमेंट के किए जाने वाला भुगतान जो कि वर्तमान के डिजिटल भारत को एक अन्य ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।

 

एटीएम कार्ड का भारत में महत्व 

आज भारत संपूर्ण विश्व की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बनने वाला है और साथ ही इसकी जरूरतें  भी बढ़ती जा रही हैं इसलिए यहां पर एटीएम कार्ड का महत्व और एटीएम मशीनों का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

भारत में चल रहे वित्तीय समावेशन के कार्य को यह एटीएम कार्ड और एटीएम मशीनें भली-भांति आगे बढ़ा रही हैं

जिससे कि भारत के सामान्य व्यक्ति को भी ऑनलाइन रूप से भुगतान करने का अनुभव प्राप्त हो रहा है जो कि आज से कुछ सालों तक मात्र एक सपना था, वह आज भारत के सामान्य नागरिकों द्वारा भी अनुभव किया जा रहा है।

 

Conclusion

इस ब्लॉग लेख में आपने Bharat Mein Pahla ATM kis Shahar Mein Khola Gaya tha के बारें में जाना। आशा करते है आप भारत में पहला ATM कहाँ खोला गया था, की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

अगर आपका इससे संबन्धित किसी भी तरह का सवाल है तब नीचे कमेन्ट में पूछ सकते है जिसका जवाब जल्द से जल्द दिया जायेगा।

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