Chand par kon kon gaya hai (2022) चाँद पर कौन कौन गया हैं?

Chand par kon kon gaya Hai : चाँद पर जाने के लिए अलग-अलग देशो के अन्तरिक्ष विभागों ने बहुत प्रयास किये जिनमे से वह बहुत बार असफल रहे,

चाँद पर सफलता पूर्वक जाने में सबसे पहले नासा के विज्ञानिक सफल हुए है NASA अमेरिका की वैमानिक अनुसंधान की संस्था है यह संस्था अपोलो मिशन 11 के दौरान  पहली बार अपने विज्ञानिक को चाँद पर सुरक्षा के साथ पहुँचाने और उनको वापस धरती पर लाने में सफल रही थी

कुल मिला के अभी तक 12 लोग 1969 से लेके 1972 तक चाँद पर पहुचने में कामियाब रहे है

यह सब नासा(NASA) अमेरिका की संन्स्था के लोग है अभी तक नासा ही एक ऐसी संस्था है जो अपने 12 लोगो को चाँद पर पहुचाने और उनको सही सलामत वापस लाने का कार्य की है इन्होने चाँद तक मनुष्य को पहुचाने के इस मिशन को अपोलो नाम दिया था

1972 के बाद फिर किसी एक या दो इंसान को नही भेजा गया है 1972 के बाद चाँद पे जीवन आदि की खोज के लिए लोगों को टीम में भेजा गया है

 

Chand par kon kon Gaya hai – चाँद पर जाने वाले लोगों के नाम

 

Chand par kon kon Gaya hai
Chand par kon kon Gaya hai

 

मिशन अपोलो 11 1969

1969 तक मिसाइल को तो चाँद पर भेजा जा चूका था पर कोई इंसान चाँद पर जा के वापस नही आ पाया था इसलिए अपोलो मिशन 11 का उद्देश्य मनुष्य की चाँद पे लैंडिंग करवाना और साथ में उसको सुरक्षित वापस पृथ्वी पर लाना था

इस मिशन में तीन लोग गए थे कमांडर नील आर्मस्ट्रांग, पायलट माइकल कॉलिंस और पायलट एडविन बज्ज अल्द्रिंग गए थे जिसमे से दो लोगो का चाँद पर उतरना और वहा पर उपकरणों से चाँद की जाँच करना और चाँद का सैंपल लेने का काम दिया गया था

16 जुलाई 1969 को ये तीनो लोग पृथ्वी से चाँद तक पहुचने के लिए निकले थे और 20 जुलाई को आखिर कार वह पल आया था जब मानव जाती की पहुच चाँद तक हो गयी थी पहली बार एक इंसान ने चाँद पर कदम रखे थे !

पृथ्वी से उनकी लैंडिंग और उनके उतरने का सीधा प्रसारण हुआ था लगभग 6 करोड़ लोगो ने ये प्रसारण देखा और सुना था जब नील आर्मस्ट्रांग से चाँद पर अपना पहला कदम रखा था

और उनके मुह से यह वाक्य निकला था one small step for a man, one giant leap for mankind” इसका अर्थ है की यह मनुष्य के लिए एक छोटा कदम है पर यह मानव जाती के लिए एक बड़ी छलांग है  यह मानव की पहुच चाँद तक होने का प्रमाण था यह अमेरिका की जीत का सन्देश था

इससे हम इंसान और दुनियाओं के बारे में भी जान पाए वहाँ पर पाया जाने वाला जलजीवन और सामग्री की सहायता से हमारे देश के विज्ञानिक अन्य ग्रहों और पृथ्वी के बाहर की दुनिया के बारे में बहुत कुछ समझने में सफल हो पाए

इसके साथ विज्ञानिको के सामने हमारे सोलर सिस्टम के बहुत पुराने राज़ भी सामने आये जिससे हमें हमारे पृथ्वी के जन्म का पता चला विज्ञानिको को वहा से मिले पत्थरों से बहुत कुछ पता चला

कर्मी दल 

 नाम  position(ओदा) 
नील अर्मस्त्रोग(Neil Armstrong)  commander 
एडविन बज्ज(Edwin Buzz Aldrin)  Lunar module pilot 
माइकल कॉलिंस(Michael Collins)   Command module pilot 

आइये हम आपके साथ Chand par kon kon gaya hai उन लोगो के बारे में बताते है और साथ में उनके जीवन के बारे में भी जानते है

1. नील अर्मस्त्रोग (Neil armtrong) 1969 20 july apollo 11


File:Neil Armstrong pose.jpg - Wikimedia Commons


नील आर्मस्ट्रांग का जन्म 5 अगस्त 1930 में हुआ था यह एक अमेरिकन अन्तरिक्ष यात्री और वैमानिकी इंजिनियर थे यह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने चाँद पर पैर रखे थे

यह एक पायलट भी थे इन्होने अमेरिका का X-15 के जहाज को सात बार उड़ाया था यह अमेरिका की हवाई सेना का भी हिस्सा थे

नील आर्मस्ट्रांग अपने परिवार में सबसे छोटे थे, और इनके पिता सरकारी ऑडिटर थे जिसके कारण वह समय समय पर कसबे बदलते रहते थे

नील आर्मस्ट्रांग के 5 वर्ष के होने तक उनके पिता लगभग 20 कसबे बदल चुके थे इन्होने इसी दौरान हवाई यात्रा की और इनकी रुचि हवाई यात्रा में होने लगी इन्होने 17 साल की उम्र में एरोनोतिकल इंजीनियरिंग की पढाई शुरू की

26 जनवरी 1949 को उन्हें नव सेना से वुलावा आया उन्होंने 8 महीने की ट्रेनिंग ली और 20 वर्ष की आयु में ये पायलट बने

1972 में नील को कोरिया युद्ध में जाने का अवसर मिला जिसमे इन्होने 78 उड़ाने भारी और 131 घंटे हवा में गुज़ारे इनको अपने मिशन के लिए एयर मैडल, गोल्ड स्टार और कोरियाई सर्विस मैडल दिया गया

1955 में इन्होने एरोनोतिकल इंजीनियरिंग  में एक उपाधि हासिल की, इन्हें 1958 में अमेरिकन संस्था द्वारा MEN IN SPACE प्रोग्राम के दौरान इन्हें चुना गया

और साथ ही इनका नाम उन सात लोगो के नाम में था जिनके स्पेस में जाने की संभावना थी इन्होने अपोलो 8 में काम किया और साथ ही इन्हें अपोलो 11 में कमांडर बना के भेजा गया

इसी मिशन के दौरान नील आर्मस्ट्रांग ने अपना पहला कदम चाँद पर रखा और ऐसे  नील आर्मस्ट्रांग हमारे चाँद पर पहुचने वाले पहले व्यक्ति बने  अगर आप को कोई सवाल पूछता है की chand par pahle kon gaya tha तब उसका जवाब नील आर्मस्ट्रांग होगा

इसके बाद इन्होने कभी भी स्पेस की यात्रा करने से मना कर दिया इसलिए यह इनकी पहली और आखरी अन्तरिक्ष यात्रा थी 25 अगस्त 2012 को 82 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गयी

 

2. एडविन बज्ज एल्ड्रिन (Edwin buzz aldrin) 1969 july 21 apollo 11


Buzz Aldrin - Wikipedia


यह चाँद पर कदम रखने वाले दुसरे व्यक्ति थे इनका जन्म  20 जनवरी 1930 में हुआ था

यह एक अमेरिकन एस्ट्रोनॉट और पायलट थे इन्होने अपने जीवन के लिए मानव जाती के लिए और अंतरिक्ष से जुड़े बहुत कार्य किये

इन्हें इनके कार्यों के लिए बहुत सारे पुरुस्कारों से नवाज़ा गया है, यह चाँद पर कदम रखने वाले दुसरे व्यक्ति थे यह अपोलो मिशन का एक हिस्सा थे जिसमे इन्होने नील आर्मस्ट्रांग के साथ चाँद पर गए थे !

और नील आर्मस्ट्रांग के बाद इन्होने चाँद पर अपना पहला कदम रखा था चाँद पर अमेरिकी झंडा इन्ही दोनों ने लहराया था और इस मिशन में गए तीनो लोग सही सलामत वापस भी आये थे

इन्होने अमेरिकन अकैडमी से ग्रेजुएशन किया और एयर फ़ोर्स में दाखिल हो गए इसके बाद 1969 अमेरिकल एस्ट्रोनॉट फ्लाइट पायलट स्कूल के लिए उन्हें चुना गया

1966 में यह जैमिनी 12 को अन्तरिक्ष में लेके गए थे इसके बाद उन्हें साल 1969 में अपोलो 11 को उड़ाने का मौका मिला चाँद से वापस लौटने पर उन्हें मैडल ऑफ़ फ्रीडम दिया गया था

इसके बाद इन्हें नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम का डायरेक्टर बना दिया गया साल 1985 में उन्होंने खुदकी एक कंसल्टिंग फर्म खोली एडिविन बज्ज एल्ड्रिन के लिखी हुई डायरी अभी भी नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में रखी गयी है

इस डायरी में उन्होंने अपने सफ़र के बारे में जिकर किया गया है इन्होने पूरे 12 दिन 1 घंटे और 53 मिनट अन्तरिक्ष में गुज़ारे है

इनकी जीवन यात्रा बहुत ही दिलचस्प रही 28 अप्रैल 2021 को कैंसर से पीड़ित एडिविन बज्ज एल्ड्रिन ने 92 साल मे अपनी आखरी सांसे ली

 

माइकल कॉलिन्स (Michael Collins)  

यह वह व्यक्ति का जिसका नाम आपको भले ही न सुनने को मिला है पर इसके बिना अपोलो 11 का सफल होना मुमकिन नही था

यही वह व्यक्ति है जिसने अन्तरिक्ष यान को चाँद पर सही सलामत ले गया और उसे सही सलामत धरती पर वापस भी ले आया भले ही इन्हें सिर्फ चाँद को देखने का अवसर मिला चाँद की सतह पर उतरने का नही पर कहते है न कुछ लोग पीछे से सहारा देते है यह अपोलो 11 मिशन का एक अभिन्न अंग है

इनका जन्म 31अक्टूबर 1930 में हुआ था यह भी एक अमेरिकन एस्ट्रोनॉट थे जिन्होंने अपोलो 11 कमांड मोडुल कोलंबिया को चाँद तक के सफ़र करवाई थी इन्होने अपना ग्रेजुएशन 1952 में अमेरिका की मिलिट्री अकैडमी से किया

और इन्होने अमेरिकी एयर फ़ोर्स में दाखिला लिया इन्होने F-86 में भी उड़ान भरी है इन्हें 1960 में प्रयोगी फ्लाइट टेस्ट स्कूल में शामिल कर लिया गया इन्होने एयरोस्पेस रिसर्च में ग्रेजुएशन किया और यह नासा के तीसरे ग्रुप में चुने गए

इनका पहला अन्तरिक्ष यान जैमिनी 10 था जिसे इन्होने 1966 में उड़ाया था

इन्होने अपने पूरे जीवन काल में 2 मुख्य अन्तरिक्ष मिशन में हिस्सा लिया है मिशन जैमिनी 10 और अपोलो 11 उन मिशन के नाम है

दोनों मिशन हमारे इतिहास के सफल मिशन में से है इन्होने अपने पूरे जीवन काल में फाइटर पायलट, एस्ट्रोनॉट इंजिनियर और टेस्ट पायलट के रूप में काम किया है

इन्हें सर्विस मैडल, लीजन ऑफ़ मेरिट, प्रेसिदेन्तिअल् मैडल ऑफ़ फ्रीडम, कांग्रेशनल गोल्ड मैडल आदि मैडल दिए गए इन्होने 28 अप्रैल 2021 में मृत्यु को प्राप्त हुए


अपोलो 12 मिशन 1969 

नासा ने अपोलो 12 मिशन की तैयारी कर रखी थी और उन्होंने 14 नवम्बर 1969 को पृथ्वी से अंतरिक्ष यान को भेज दिया था

पर वह लांच तो अच्छे से हो गया था पर रास्ते में वह बिजली से टकरा गया जिससे यान को काफी नुक्सान हुआ पर यान की लोकेशन को आटोमेटिक भी निर्धारित किया गया था

और हमारे कुशल इंजिनियरों के कारण 24 नवम्बर को यान सफलता पूर्वक चाँद पे लैंड हो सका ये पहला यान था जो चाँद पर लैंड हो पाया था अपोलो 11 का यान चाँद पर लैंड नही हो पाया था

इस मिशन का उद्देश्य चाँद पर यान को लैंड करवाना और चाँद पर अपनी कुछ उपकरण लगाना जिससे उनको पृथ्वी पर चाँद पर हो रही गतिविधियों का पता चल सके चाँद की भूमि से सैंपल लेना और कुछ प्रयोग करना था

कर्मी दल 

नाम position(ओदा) 
चार्ल्स कौनराड(Charles Conrad jr.) commander 
रिचर्ड फ गॉर्डोनRichard F. Gordon jr.  command module pilot 
एलन ल बीन (Alan L. Bean) lunar module pilot 

इसमें से सिर्फ दो लोग चार्ल्स और एलन ही चाँद पर उतर पाए थे

 

3. चार्ल्स पते कौनराड (Charles pete conrad) 1969 14 apollo 12


File:Conrad cropped.jpg - Wikimedia Commons


यह  चाँद पर कदम रखने वाले तीसरे व्यक्ति थे इनका जन्म 2 जून 1930 में हुआ था

यह अमेरिका के एक एस्ट्रोनॉट, एयरोनॉटिकल इंजिनियर, नवल ऑफिसर, एविएटर और टेस्ट पायलट थे ! इन्होने ही अपोलो 3 को कमांड किया था जिससे यह चाँद पर पैर रखने वाले पहले व्यक्ति बन गए थे

इनको  बचपन से ही डिस्लेक्सिया(Dyslexia) की बीमारी थी उसके बाद भी इन्होने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में अपनी बच्लेर की डिग्री हासिल की !

इन्होने इसके बाद अमेरिका की नेवी में दाखिल हुए इन्हें 1959 में अपना ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद इनको एक प्रोजेक्ट के दौरान फाइटर पायलट बनाने का मौका मिला

इनको प्रोजेक्ट मरकरी के लिए चुन लिया गया इनको जैमिनी 5 में काम करने का और जैमिनी 11 को कमांड करने का अवसर प्राप्त हुआ जिन्हें इन्होने बखूबी निभाया

अपोलो 12 में अन्तरिक्ष यात्रा करने के बाद इन्होने 1973 में स्कायलैब 2 को भी कमांड किया इस मिशन में ये और इनके साथ के लोग स्कायलैब को रिपेयर करने का काम करते थे

इस मिशन की सफलता के लिए इनको 1978 कांग्रेशनल स्पेस मैडल ऑफ़ हॉनर से भी सम्मानित किया गया इसके बाद ये अमेरिका के टेलीविज़न और कम्युनिकेशन कमपनी के प्रेसिडेंट भी बन गए इनकी मृत्यु 69 की उर्म में 8 जुलाई को 1999 में अंदरूनी चोट के कारण हुई थी

 

4.एलन बीन (Alan bean) 1969 apollo 12


Apollo 12's artistic astronaut, Alan Bean, dies at 86


चाँद पर कदम रखने वाले ये चौथे इंसान थे इनका जन्म 15 मार्च 1932 में हुआ था !

यह एक अमेरिकन नवल ऑफिसर एंड एविएटर, एयरोनॉटिकल इंजिनियर, टेस्ट पायलट, नासा एस्ट्रोनॉट और एक पेंटर थे इन्होने अपनी बच्लेर ऑफ़ साइंस की डिग्री 1955 में हासिल की और नेवी का हिस्सा बन गए

1956 में अपने ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद इन्हें इनको नवल एविएटर विंग्स मिल गए जिसके बाद इन्होने फाइटर पायलट ले रूप में काम किया

1960 में यह नवल टेस्ट पायलट स्कूल से ग्रेजुएट हुए उन्होंने अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान अपोलो 12 मिशन को कमांड करने के समय भरी अपोलो 12 के ख़त्म होने पर इन्होने 1973 में स्कायलैब 3 में भी काम किया

1975 में ये नेवी से रिटायर हो गए रिटायर होने के बाद इन्होने चित्र कला के माध्यम से लोगो को अंतरिक्ष दिखाने का प्रयास किया

इनकी विशेष रुचि पेंटिंग में आ गयी थी ये अपने अनुभयों और कल्पनाओं से चित्र बनाते थे इनकी मृत्यु 26 मई 2018 में हुई इन्होने अपना पूरा जीवन अंतरिक्ष और आसमान की यात्रा को समर्पित किया


अपोलो 14 मिशन 1971

31 जनवरी 19 71 को फिरसे अमेरिका की नासा संस्था ने एक अंतरिक्ष यान लांच किया

इससे पहले किये जाना वाला मिशन अपोलो 13 विफल हो गया था इसलिए इसके यान में कुछ तकनीकी बदलाव किये गए और तो और एस्ट्रोनॉट के आराम से चाँद पे उतर पाने और रह पाने के लिए भी नयी व्यवस्थाएं भी की गयी थी

यह आखिरी बार था की यान को चाँद की उपरी सतह पर उतारा गया हो यान चाँद पर 5 फ़रवरी 1971 में पंहुचा एस्ट्रोनॉट वहा पर एक लम्बे समय तक रुके थे

जिसमे उन्होंने पूरा एक दिन या उससे थोडा अधिक समय लगाकर चाँद के आस पास का वातावरण का प्रभाव देखा और तो और वहाँ पर कुछ प्रयोग भी किये आखिर 6 फ़रवरी को यान वापसी के लिए निकल गया  

नाम  position(ओदा) 
एलन शेपर्ड(Alan B. Shepard jr.)  commander 
स्टुअर्ट अ रूसे(Stuart A. Roose) command module pilot 
एडगर ड मित्चेल्ल(Edgar D. mitchell)  lunar module pilot 

 

5.एलन शेपर्ड (Alan shephard) 1971 apollo 14


Alan Shepard - IMDb


यह चाँद पर कदम रखने वाले पांचवे आदमी थे इनका जन्म 18 नवम्बर 1923 को अमेरिका में हुआ

यह अमेरिकन एस्ट्रोनॉट, नवल एविएटर, टेस्ट पायलट और एक बिज़नसमेन थे,  इन्होने अपनी गग्रेजुएशन यूनाइटेड स्टेट्स नवल अकैडमी से की उसके बाद 1946 में यह नवल एविएटर बन गए,

1950 में यह एक टेस्ट पायलट बन गए इनको भी नासा ने मरकरी के मिशन के लिए चुन लिया मरकरी रेड स्टोन 3 मिशन के समय यान यह दुसरे ब्यक्ति बने जिन्होंने अंतरिक्ष में कदम रखा था

और अमेरिका के पहले व्यक्ति बने पर इनका यान मरकरी के ऑर्बिट तक नही पहुच पाया इनको वापस आना पड़ा इन्होने इसी मिशन की दोबारा तैयारी की पर कोई फायदा न हुआ क्योकि उस मिशन को खारिज कर दिया गया

इन्होने 1963 से 1969 तक चीफ ऑफ़ थे एस्ट्रोनॉट की भूमिका निभाई और जून 1971 से लेकर जब तक यह रिटायर नही हो गए तब तक यूनाइटेड स्टेट नेवी में काम किया

इन्होने अपोलो 14 मिशन की कमांडिंग की और चाँद पर लैंड हो गए इनको प्रोजेक्ट जेमिनी के कमांडर की भूमिका  सौपी गयी और जुलाई 21 1998 में इनके मृत्यु हो गयी

हमें ये जानने की तो इच्छा होती है की Chand par kon kon gaya hai पर जानने के ततुरंत बाद हमें ये भी जानने की इच्छा होती है की ये लोग कब और किस देश से गए थे और इनके जीवन का क्या संघर्ष था

 

6.एडगर ड मित्चेल्ल (Edgard .D. mitchell) 1971 apollo 14


Edgar Mitchell - Wikipedia


यह चाँद पर कदम रखने वाले 6 वें आदमी थे इनका जन्म 17 सितम्बर 1930 में हुआ था

यह एक नेवी ऑफिसर, एविएटर, टेस्ट पायलट, एयरोनॉटिकल इंजिनियर, यूफोलोजिस्ट थे ! इन्होने अपोलो 14 मिशन के दौरान 9 घंटे लगातार चाँद की सतह पर काम करते हुए बिताये थे

इन्होने अपने डिग्री इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट में हासिल की थे और 1952 में नेवी में दाखिल हुए थे उन्होंने नवल एविएटर जैसे काम किया

1961 में इन्हें अपनी दुसरे डिग्री मिली जो की एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की थी इन्होने एरोनॉटिक्स में डॉक्टरेट भी की इसके बाद इन्होने अपोलो 14 में अपनी एहम भूमिका निभायी इनकी मौत 2016 में 4 फ़रवरी को हुई थी


अपोलो 15 मिशन 1971

इस मिशन में इंसान चौथी बार चाँद पर पंहुचा था इस बार उनका ध्यान और केंद्र विज्ञानं से जुडी चीजों की खोज करने में और चाँद को और सही से समझने के लिए था

इस बार विज्ञानिक चाँद पर सबसे लम्बे समय तक रुके थे ताकि वह चाँद की बारीकियों को और सही से समझ पाए इसी बार यहाँ पर लूनर रोविंग व्हीकल या कहे तो चाँद पर चलने वाली मोटर गाडी का भी इस्तेमाल करके देखा गया था

यह मिशन 26 जुलाई को शुरू हुआ और 7 अगस्त को जाके ख़त्म हुआ था  इस मिशन में आये एस्ट्रोनॉट ने पूरे 18 घंटे चाँद की सतह पर गुज़ारे थे और तो और इन्होने 77 किलोग्राम इस जगह की सतह के कण भी लेके आये थे

नाम  position(ओदा) 
डेविड र स्कॉट(avid R. scott)   commander 
अल्फ्रेड म वोर्दें(alfred M worden) command module pilot 
जेम्स बी इरविन(james B. irwin)  lunar module pilot 

 

इसमें से डेविड और जेम्स की चाँद पर उतरे थे इसलिए चाँद पर उतरने या जाने वालो की लिस्ट में इनका ही नाम है अल्फ्रेड चाँद पर गए तो थे पर यान से बाहर नही आये थे आइये डेविड और जेम्स के बारे में जानते है जो चाँद पर पहुचने वाले 7 वें और 8 वें  व्यक्ति थे

 

7.डेविड र स्कॉट (David scott) 26 july 1971 apollo 15


David Scott


यह चाँद पर कदम रखने वाले 7 वें आदमी थे इनका जन्म 7 जून 1932 को हुआ था

यह नासा के एक एस्ट्रोनॉट और टेस्ट पायलट थे यह इस मिशन में चाँद पे जाके बचने वाले चार लोगों  में से एक थे इन्होने ग्रेजुएशन के बाद एयर फ़ोर्स में दाखिल हो गए इन्होने यूरोप में  फाइटर पायलट जैसे भी काम किया

और इन्होने एयर फ़ोर्स एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट स्कूल इनका हवा में रहने का समय 5600 घंटे का था इन्होने जैमिनी 8,

और जैमिनी 9 में काम किया और इन्होने अपोलो 15 को कमांड किया इन्हें बहुत ज्यादा समय तक हवा में रहने का अवार्ड भी मिला इन्होने 30 सितम्बर 1977 को एयर फ़ोर्स से रिटायर हुए

 

8.जेम्स बी इरविन (James B. irwin) 31 july 1971 apollo 15


James B. Irwin | American astronaut | Britannica


यह चाँद पर जाने वाले 8 वें व्यक्ति थे इनका जन्म 17 मार्च 1930 में हुआ था

यह एक अमेरिकन एस्ट्रोनॉट, एयरोनॉटिकल इंजिनियर, टेस्ट पायलट और एक एयर फ़ोर्स पायलट भी थे, इनका नासा में चयन 1966 में हुआ था

इन्होने पूरे 12 दिन 7 घंटे अन्तरिक्ष में गुज़ारे थे इन्हें स्पेस करियर का अवार्ड भी मिला था 1961 में अपने एक ट्रेनी को सिखाते समय उनके ट्रेनी द्वारा यान क्रेश हो गया उन दोनों की जान तो बच गयी पर जेम्स का पैर में फ्रैक्चर हो गया

अपने काम करने के दौरान उन्होंने 7000 घंटे से ज्यादा समय हवा में गुज़ारे थे इनको बहुत बार दिल का दौरा आया पर यह हर बार बच गए इनको पहला दिल का दौरा चाँद से वापस आने के दो साल के अन्दर ही आया था

उसके बाद लगातार इनको थोड़े समय मतलब सालों के अन्दर दिल के दौरे पड़ते रहे और अगस्त 8 1991 में इनको दिल का दौरा आया और इस बार वह बच नही पाए उनकी मृत्यु हो गयी


अपोलो 16 मिशन 1972

यह भी नासा का ही एक मिशन था इसकी शुरुआत 16 अप्रैल को हुई थी और यह 27 अप्रैल को ख़त्म हुआ था इस मिशन का केंद्र भी और खोज करना ही था !

और तो और चाँद पर चलने वाली मोटर गाडी का इस्तेमाल करना भी था इस बार वह पिछले मिशन से जुड़े जो तर्क होते उनकी पुष्टि करने और अधिक से अधिक सच की खोज करने के लिए चाँद पर आए थे

 नाम  position(ओदा) 
जॉन व यंग (john W. young ) commander 
थॉमस क मत्तिन्ग्ली (thomas K. mattingly ||) command module pilot 
चार्ल्स म दुके(charles M. Duke jr.) lunar module pilot 

 

इसमें से सिर्फ जॉन और चार्ल्स ही चाँद पर उतरे थे इसलिए यह चाँद पर कदम रखने वाले नौवे और दसवें व्यक्ति थे आइये इनके बारे में जानते है

 

9. जॉन व यंग (John watts young) 1972 apollo 16


John Young | Facts, Biography, & Spaceflights | Britannica


यह चाँद पर उतरने वाले नौवें  व्यक्ति थे जिनका जन्म 24 सितम्बर 1930 में हुआ था

यह एक अमेरिकन एस्ट्रोनॉट, नवल ऑफिसर, एविएटर, टेस्ट पायलट और एयरोनॉटिकल इंजिनियर थे इन्होने जैमिनी 3, जैमिनी 10, अपोलो 10, अपोलो 16, STS-1, STS-9 मिशन में काम किया है

इन्हें हवा में सबसे ज्यादा देर रहने और यान चलाने के लिए अवार्ड दिया गया इन्हें एक अवार्ड देश की सर्विस के लिए भी दिया गया इन्होने पूरे 42 साल देश को दिए है ये 2004 में रिटायर हुए

 

10. चार्ल्स म दुके (Charles M. duke jr) 1972 apollo 16


Meeting Apollo 16 Moonwalker Charlie Duke - Nick Cook .net


यह चाँद पर जाने वाले 10 वें व्यक्ति थे इनका जन्म 3 अक्टूबर 1935 को हुआ था यह एक अमेरिकन एस्ट्रोनॉट , एयर फ़ोर्स ऑफिसर, और टेस्ट पायलट थे इन्होने कुल 4142 घंटे हवा में बिताये है

और तो और 265 घंटे अन्तरिक्ष में बिताये है इन्हें तीन अवार्ड से भी नवाज़ा गया इन्होने एक ही मिशन में काम किया है वो है अपोलो 16 इन्होने जनवरी 1 1976 में अपनी रिटायरमेंट ले ली


अपोलो 17 मिशन 1972

यह नासा का चाँद पर जाने का आखरी मिशन था और साथ ही यह अपोलो नाम के मिशन सीरीस का भी अंतिम चरण था इस बार भी मिशन का केंद्र विज्ञानं, प्रयोग और जानकारी ही था यह मिशन दिसम्बर 7 को शुरू हुआ और दिसम्बर 19 को खत्म हुआ

इस मिशन ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए जैसे चाँद पर सबसे ज्यादा रहने का रिकॉर्ड, चाँद की सतह पर काम करने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया

 नाम position(ओदा) 
यूर्गेने अ सरनन(eugene A. cernan) commander 
रोनाल्ड ए एवंस (ronald E. Evans) command module pilot 
हैरिसन ह स्च्मित्त(harrison H. Schmitt) lunar module pilot 

 

इसमें से दो ही लोग चाँद पर उतरे थे और चाँद पर कदम रखने वाले 11 वे और 12 वें व्यक्ति बने थे आइये उनके बारे में जानते है

 

11.यूर्गेने अ सरनन (Eugene E. cernan) december 1972 apollo 17


File:Astronaut Eugene A. Cernan.jpg - Wikimedia Commons


यह चाँद पर कदम रखने वाले 11 वें व्यक्ति थे इनका जन्म 14 मार्च 1934 में हुआ था

ये अमेरिकन एस्ट्रोनॉट, नवल एविएटर, इलेक्ट्रिकल इंजिनियर, एयरोनॉटिकल इंजिनियर और एक फाइटर पायलट थे !

इन्होने अपोलो 17 के इलावा जैमिनी 9a, अपोलो 10 मिशन में भी हिस्सा लिया था इन्हें भी कई पुरूस्कार मिले इन्होने कुल 23 दिन अन्तरिक्ष में गुज़ारे है इन्होने 1976 में रिटायरमेंट ले ली और इनकी 16 जनवरी 2017 में मृत्यु हो गयी

 

12.हैरिसन ह स्च्मित्त (Harrision jack schmitt) 1972 apollo 17


Harrison Schmitt - Wikipedia


यह चाँद पर कदम रखने वाले 12 वें और आख़री इंसान थे !

यह एक अमेरिकन जियोलॉजिस्ट, नासा के एस्ट्रोनॉट थे यह एक इकलौते ऐसे इंसान थे चाँद पर जाने वाले जिनका कोई मिलिट्री से जुड़ा हुआ अतीत नही था !

इन्होने बस अपोलो 17 के मिशन में ही काम किया है इन्हें सर्विस मैडल से सम्मानित किया गया है इन्होने 12 दिन अन्तरिक्ष में गुजारे थे इन्होने 30 अगस्त 1975 में रिटायरमेंट ले ली थी


conclusion

पाठको, आज के इस लेख में इतना ही हम आशा करते हैं, आपको हमारे द्वारा साझा किया Chand par kon kon gaya hai यह ज्ञानवर्धक लेख पसंद आया होगा और हमारे द्वारा दी गई जानकारी भी आपको पसंद आई होगी।

अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो अपने अमूल्य सुझावों को हमारे सुझाव बॉक्स में जरूर लिखें ताकि आगे आने वाले समय में हम आपके लिए इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक लेख लाते रहे और आपके ज्ञान में सकारात्मक वर्द्धि करते रहे। धन्यवाद

2 thoughts on “Chand par kon kon gaya hai (2022) चाँद पर कौन कौन गया हैं?”

  1. Приветствую Вас друзья!
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    http://forum.worldwideyachtsman.com/viewtopic.php?f=85&t=383761
    https://www.toymods.org.au/forums/members/297730-Bogdannat
    http://www.eleccionescolima.com/viewtopic.php?p=627#p627
    http://nicolasmorenopsicologo.com/foro_psicologia/index.php/topic,206356.new.html#new
    Предлагаем Вашему вниманию изделия из стекла для дома и офиса.Наша организация ООО «СТЕКЛОЭЛИТ» работает 10 лет на рынке этой продукции в Беларуси.Офис сегодня – это не пыльная комната в панельном здании, а лицо компании, его визитная карточка. Во многом это определяет интерьер, но также огромное значение имеют дверные конструкции и стеклянные перегородки в офисе. Появившись в качестве перегородок достаточно давно, стеклянные стены использовались чаще всего просто в качестве разделителя помещения, и только недавно они вошли в список интерьерных изюминок. В своих конструкциях мы используем стекло от лучшего мирового производителя листового стекла AGC GLASS EUROPE.
    Увидимся!

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