कर्नाटक की राजधानी क्या है (karnataka ki Rajdhani Kya Hai)

karnatak ki rajdhani : भारत बहुत ही समृद्ध  देश है और  ये अभी भी लगातार विकसित हो रहा है | भारत के इतिहास में बहुत से राज है, भारत एक धार्मिकभूमि है

भारत का इतिहास बहुत ही रहस्यों तथा पुरानी इमारते और उनकी कहानियों से भरा हुआ है | भारत 28 राज्यों से बना है, हर राज्य की खुद की  विशेषता है

हम भारत के एक सबसे सुंदर ,समृद्ध karnatak और karnatak ki rajdhani पर चर्चा करेंगे करेंगे

भारत का अधिकारिक नाम भारत गणराज्य है | जो दक्षिणी एशिया में स्थित है | भारत भौगोलिक दृष्टि में विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है,और ये जनसँख्या में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है

 

karnataka ki Rajdhani
karnataka ki Rajdhani (capital) ka naam

 

विषय

कर्नाटक की राजधानी क्या है (karnataka ki Rajdhani Kya Hai)

कर्नाटक दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है | कर्नाटक एतिहासिक सांकृतिकऔर प्रकिर्तिक रूप से समृद्ध है

यह आधुनिक रूप से भी बहुत तरक्की कर रहा है, यह भारत के पर्यटन शहरो में आता है, यहाँ पर धार्मिक, एतिहासिक और आधुनिक बहुत सी घूमने वाली जगह है

कर्नाटक 1 नवम्बर 1956 को गठित हुआ, पहले इसका नाम मैसूर था जो 1नवम्बर 1973 को बदल कर कर्नाटक कर दिया गया

 

karnataka ki Rajdhani

 

कर्नाटक का नाम कर्नाटक कैसे पड़ा

कर्नाटक का पुराना नाम मैसूर था, मैसूर नाम संस्कृत शब्द से है ,जिसका मतलब “भैंस शहर”  होता है

यह देवी चामुंडा द्वारा भैंस दानव महिषासुर के विनाश से निकला है, इसका उच्चारण कन्नड़ में सटीक रूप से दर्शित होता है

दक्षिण भारत में उत्तर से आक्रमण करने वाले आर्य लोगों और मूल द्रविड़ निवासियों के बीच हुए संघर्ष का चिंतन पौराणिक रूप में इस संघर्ष को एक तरफ देवी-देवताओं के बीच तथा दूसरो तरफ राक्षस और दानवों के बीच संघर्ष के रूप में दर्शाया गया है

 

कर्नाटक का इतिहास

कर्नाटक का इतिहास 2000 साल से भी पुराना है, कई राजवंशों और महान साम्राज्यों ने कर्नाटक पर शासन किया है | और कर्नाटक के इतिहास, संस्कृति और विकास में बहुत योगदान दिया है

कर्नाटक मूल का प्रभाव भारत के अन्य भागो पर भी पड़ा

भारत के लगभग सभी राज्य इससे प्रभावित हुए, मध्य भारत गंगा के चिंड़क नागा, मान्यखेता के राष्ट्रकूट, वेगी के चालुक्य, देवगिरि के यादव राजवंश सभी कन्नड़ मूल के थे

जिन्होंने बाद में स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने का काम किया | तरह तरह के राजवंशों ने अलग अलग समय पर कर्नाटक पर राज किया है

राजवंशों के नाम एव अंतराल जिन्होंने कर्नाटक पर राज किये थे

शासन अंतराल
कदंब राजवंश (325 ईस्वी-540 ईस्वी)
पश्चिमी गंगा राजवंश (325 ईस्वी-999 ईस्वी)
बादामी चालुक्य राजवंश (500 ईस्वी-757 ईस्वी)
राष्ट्रकूट राजवंश (757 ईस्वी-973 ईस्वी)
कल्याण चालुक्य राजवंश (973 ईस्वी-11 98 ईस्वी)
सेवुना राजवंश (1198 ईस्वी-1312 ईस्वी)
होयसल राजवंश (1000 ईस्वी-1346 ईस्वी)
विजयनगर साम्राज्य (1336 ईस्वी – 1565 ईसवी)
बहमनी साम्राज्य (1347 ईस्वी- 1527 ईस्वी)
बीजापुर सल्तनत (1490 ईस्वी- 1686 ईस्वी)
केलाडी के नायक (1500 ईस्वी – 1763 ईस्वी)
मैसूर के वोडेयार (1399 ईस्वी – 1761 ईस्वी)
श्रीरंगपट्टन की सल्तनत (1761 ईस्वी – 1799 ईस्वी)
मैसूर वोडेयार (1800 ईस्वी – 1831 ईस्वी)
ब्रिटिश अधिग्रहण (1831 ईस्वी – 1881 ईस्वी)
मैसूर वोडेयार (1881 ईस्वी – 1950 ईस्वी)
कर्नाटक का एकीकरण 1956 ईस्वी

 

हम कर्नाटक के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जान चुके है, जब कर्नाटक इतिहास इतना रोचक है तो ऐसा है तो इसकी राजधानी कैसी होगी |

आइये हम कर्नाटक की राजधानी के बारे में विस्तार में जानकारी साझा करने की कोशिश करते है

 

Karnataka Ki Raajdhani Kya Hai ?

 बेंगलुरु = बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी है 

बेंगलुरु को सिलिकॉन वैली भी कहा जाता है | बेंगलुरु महानगरी भी कही जाती है क्युकी इसकी आबादी 80 लाख से ज्यादा है, बेंगलुरु तीसरा सबसे बड़ा शहर और पांचवा सबसे बड़ी महानगरी है

बेंगलुरु  दक्षित भारत में  डेक्कन पठारीय क्षेत्र में 900 मीटर की ऊचाई पर स्थित है

बेंगलुरु की महत्ता=  बेंगलुरु को इंडिया की सिलिकॉन वैली कहा जाता है | क्योकि देश की अग्रणी सूचना प्रोघोगिकी(आईटी) निर्यातक के रूप में अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है|

 

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु आईटी सेक्टर (IT SECTOR)कैसे बना

बेंगलुरु ने अपनी एक बहुत बड़ी उन्नती आईटी सेक्टर में हासिल की, क्योकि बेंगलुरु को शिक्षित जनबल और इलेक्ट्रॉनिक पूंजी का सहयोग मिला था | यह जमशेद जी टाटा, तथा कर्नाटक की  जगह, वातावरण आदि की वजह से है

जमशेद जी टाटा ने शिक्षा को एक नयी दिशा दी, जमशेद जी टाटा ने एक शिक्षा संकाय = 372 एकड़ विज्ञान का संस्थान 1909 में बनवाया था

जमशेद जी टाटा ने शुरुआत की, उसके बाद एक एक करके बहुत सारे लोगो के योगदान से बेंगलुरु आईटी सेक्टर बना


हमारी रक्षा एजेंसी, ISRO आदि के लिए सरकार ऐसी भूमि ढूंढ रही है जो तीन चरणों को पूरा करती है जिसमें बेंगलुरू सबसे अच्छा विकल्पि था,

क्योंकि वे सीमा से दूर एक जगह चाहते हैं, अच्छी जलवायु हो और जहाँ की मानव बल पढ़ी लिखी हो, इन्ही कारणों की वजह से 1960 के आस – पास  में(HL INDIA) और ISRO ने अपने मुख्यालय बेंगलुरु में बनाये


श्री आरके बालिगा बैंगलोर के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं, पहले वह भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मुख्य अभियंता थे और बाद में वे कर्नाटक इलेक्ट्रॉनिक्स विकास में अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में गए

उन्होंने 1970 के मध्य में बनालोर में एक इलेक्ट्रॉनिक शहर स्थापित करने की योजना बनाई, उस समय भारत के पास कोई इलेक्ट्रॉनिक शहर नहीं था और अंततः उन्हें राजनेता और मंत्रियों के साथ कई बातचीत के बाद इलेक्ट्रॉनिक शहर के लिए 322 किमी वर्ग क्षेत्र मिला

दुर्भाग्य से 1988 में उनकी मृत्यु हो गई लेकिन इलेक्ट्रॉनिक शहर का निर्माण हो चुका था, पर वह अपने सपने को पूरा होते हुए देख नही पाए


क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक सिटी बैंगलोर में बनाई गई थी, इसलिए (infosys) इंफोसिस और विप्रो (wipro) जैसी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां बेंगालोरू में स्थापित हुई थीं, उस समय इंफोसिस और विप्रो छोटी कंपनियां थी|


जीई (general electronics) ने विप्रो (wipro) के साथ सौदा किया जिस करके जी ई ने भी अपना दफ्तर बेंगलुरू में बनाया|

एक एक करके कंपनियां karnatak ki rajdhani बैंगलोर में आने लगी

और इलेक्ट्रॉनिक्स की कंपनिया होने के कारण इसको सिलिकॉन वैली ऑफ़ इंडिया कहा जाने लगा ,क्युकी सिलिकॉन से ही इलेक्ट्रॉनिक्स की चिप्स बनती है


और भी बहुत सारे शहर इलेक्ट्रॉनिक्स में अब काम कर रहे है पर बेंगलुरु जितनी उन्नती किसी को नही मिली ,बेंगलुरु भारत की आई टी सेक्टर की राजधानी  कहा जाता है|


80 प्रतिशत कर्नाटक का राजस्व (revenue) बेंगलुरु से निकाला जाता है

 

बेंगलुरु में कुछ महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल

 

  • बैंगलोर पैलेस (Bangalore Palace)

बेंगलोर पैलेस (bengalore palace) यह एक इतिहासिक महल है, मूल रूप से इस जगह के मालिक रेव जे गैरेट थे, जो बेंगलुरू सेंट्रल हाई स्कूल के पहले प्रमुख थे।

इस जगह का निर्माण अप्रैल 1874 में होना शुरू हुआ जो कि 1878 में पूरा हुआ

यह महल 45,000 स्क्वायर फीट में बना हसी और इसके आस पास 454 एकड़  की जमीन है,  रेव ज गैरेट एक बहुत ही बड़े शिक्षक थे


bangalore palace


उन्होंने यहां पहला प्रेस शुरू किया और कन्नड़ साहित्य भी ये छापती थी, उनकी बेटी की शादी प्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्वविद्  बी .एल.राइस b.l.rice .से हुई, और इन दोनों ने समाजिक कार्य में बहुत योगदान दिया

1873 में अंग्रेजों ने रेव जे गैरेट(rev j. garret) से ये महल खरीद लिया

जब महाराजा बंगलौर में प्रशिक्षण ले रहे थे, तब उनके पास बंगलौर में रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, इसलिए महाराजा के लिए  यह महल खरीदा गया|फन वर्ल्ड महल परिसर में स्थित एक मनोरंजन पार्क है


टिपु सुल्तान समर पैलेस (tipu sultan summer palace)

इसको टिपु सुल्तान ने बनवाया था, टिपु सुल्तान ने इस पैलेस को रश्क इ जन्नत का नाम दिया था

इसका मतलब सुकून से रहने वाली जगह होता है, इस पैलेस को नवाब हैदर खान बहादुर ने बनवाना शुरू किया था 1781 में और लगभग 10 साल बाद 1791 में हज़रात टिपु सुल्तान ने इसको पूरा करवाया


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इस महल को इंडो इस्लामिक वास्तुकला के हिसाब से बनाया गया है,तथा इसको तिकुत के पेड़ो से बनाया गया है

इस समर पैलेस की सबसे पुराणी पेंसिल चित्र जेम्स हंटर ने बनाया था,यह बहुत अच्छा चित्रकार था साथ में एक लेफ्टिनेंट थे|जेम्स हंटर की चित्रकारी खुद ही कहानी बताती है


टिपु सुल्तान के समर पैलेस की पुर्वी दीवार पर क्या लिखा हुआ है

इस पैलेस की  पूर्व की दीवार पे कुछ फारसी में लिखा गया है “मतलब होता है की जैसे ही इसकी बुनियाद रखी गयी,

जैसे ही इसका सर बुलंद हुआ वाह कितना बेहतरीन खुशियों का महल था ये इसकी बुलंदी  आसमान से ऊंची थी और इसकी पाकीज़ भी शीशे की तरह साफ़ थी इसकी खूबसूरती की कोई मिसाल नही थी

और जब फरीदु दीन ने इसके बारे में सुना उसके होश न रहे मैंने इस महल के ज़र्की तारिख निकली तो एक आवाज़ आई की ये खुशियों का घर है,जब इस महल को रंग रंगा गया तो ये चीन के मेहनात से भी आला था


नंदी हिल्स (nandi hills)

इसको  नंदी किला भी कहते है,जोकि टिपु सुल्तान ने बनवाया था| इस किले को  टिपु सुल्तान ने तशक- ए – जन्नत नाम दिया गया था,इसे समुन्द्र तट से लगभग 4800 फीट की ऊँचाई पर स्थित किया गया था|यह पहाड़ की ढलाई पर बना हुआ है

यह पहाड़ो पर स्थित सबसे सुंदर किला है, यह भारत के सबसे सुंदर हिल स्टेशन में से एक है, इसे नंदीा दुर्ग भी कहा जाता है


nandi hills


यह अंग्रेजों के राज में आराम के लिए या चित्तिया मानाने के लिए प्रयोग किया जाता था, पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्र बहुत भाता है, पर्यटक इसके आस पास के प्राकृतिक सुन्दरता का बहुत आनंद लेते है

नंदी हिल का नाम बैल के नाम पर रखा गया था, नंदी हिल्स के आस पास बहुत सरे प्राचीन मंदिर है,जिनकी बहुत महत्ता है|

नंदी हिल ट्रैकिंग और साइकिलिंग के लिए बहुत प्रसिद्द है|


कब्बों पार्क(cubbon park)

इसको अधिकारिक तौर पे श्री चमराजेंद्र पार्क कहा जाता है, 1870 में इसे जनरल रिचर्ड संकी के राज में बनाया गया था

जनरल रिचर्ड संकी उस समय ब्रिटिश चीफ इंजिनियर थे|इसने 100 एकड़ के जगह को ढका है और बाद में बिस्तार होने पर यह 300 एकड़ में  फ़ैल गया है


cubbon park


इसमें प्रचुर मात्रा में वनस्पतियों और जीवों के वृक्षारोपण का समृद्ध इतिहास है, इसके परिसर में कई प्रभावशाली और सौंदर्यपूर्ण रूप से स्थित इमारतों और प्रसिद्ध व्यक्तियों की मूर्तियां हैं।


आधुनिक कला की राष्ट्रीय गैलरी

इसका निर्माण 18 फरवरी 2009  को सरकार द्वारा करवाया गया था, यह भारतीय कला, कर्नाटक पे लिखे लेख

और अधिक जानकारियों का संग्रह 18 वीं शताब्दी की शुरुआत से लेकर वर्तमान समय तक के देश के सांस्कृतिक लोचाकार और भारतीय कला के प्रदर्शन का भण्डार है

इसमें मुख्या रूप से चित्र, मूर्तियाँ, ग्राफिकमुद्रण आदि शामिल है, जो भारत के आधुनिक कला में विकार को प्रदर्शित करता है

यह 3.5 एकड़ तक फैला हुआ है, भारतीय कला अब ऐसे ही स्थानों पर संग्रहित है, यह हमारे देख का गौरव है, हमारा इतिहास हमारी विरासत है


उल्सूर झील(ulsoor lake)

यह झील कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की दो सबसे बड़ी झीलों में से एक है


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यह शहर के पूर्वी तरफ है | इसका नाम उस जगह के नाम पर है जिस जगह पर ये स्थापित है, यह झील बहुत तरह के   प्रदूषण के खतरे में है,  यह झील 123 एकड़  में फैली हुई है


देवनहल्ली किला (devanahalli fort)

1501 में विजयनगर के साम्राज्य में जागीरदार ने  देवानाड़ोद्एदी में एक मिटटी का किला बनवाया था जिसे देवानाल्ली कहते थे,18 वीं शताब्दीं के अंत में हैदर अली ने किले को पत्थर से फिर बनवाया


karnataka ki Rajdhani Kya Hai


जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान संरचना हुई|टीपू सुलतान का जनस्थान (मैसूर का टाइगर) किले के पास है| इस किले के अंदर बहुत मंदिर है, मंदिर के ऊपर द्रविड़ शैली का शिखर है


सरकारी संग्रहालय (Government museum)

सर्जन एडवर्ड बालफोर के मार्गदर्शन में 1865 में  सरकारी संग्राहल बेंगलुरु में बनाया गया |यह भारत के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है


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यह दक्षिण भारत का दूसरा सबसे पुराना संग्रहालय है और इसमें पुराने आभूषण ,मूर्तिकला ,सिक्के और शिलालेख सहित और शिलालेख सहित और भी दुर्लभ कलाकृतियों का संग्रह है


जानपद लोक (jaanapad loka)

इसकी रचना 12 मार्च 1994 में नागा गोवडा के द्वारा करवाई गयी थी, यह एक लोक संग्रहालय है,जिसमे ग्रामीण लोक कलाओं का एक विशेष प्रदर्शन है

यह कर्नाटक जानपद परिषद् के तत्वाधान में है, संग्रहालय में एक विंग,लोक महल में 5,000 लोक कलाकृतियों का प्रदर्शन है


श्री राधा कृष्णा मंदिर(ISHCON temple)

यह मंदिर 1997  में भारत के नौवे मंत्री शंकर दयाल शर्मा द्वारा बनवाया गया था, यह एक विश्व का  सबसे बड़ा कृष्णा का मंदिर है यह भारत के उत्तर बेंगलुरु में स्थित है


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इसमें एक सोने की मढ़वाया ध्वजा-स्तम्भ 17 मीटर ऊँचा और एक सोने का मढ़वाया कलश शिखर 8.5 मीटर ऊँचा है | यह मंदिर बेंगलुरु ज़रूरत मंदो को मुफ्त भोजन कराता है|


Innovative film city (इनोवेटिव फिल्म सिटी)

इसके मालिक सरवन प्रसाद है,इसका निर्माण 2008 में हुआ  था, यह 58 एकड़ में फैला हुआ है | यह एक शानदार मनोरंजन पार्क है यह घूमने के लिए एक आदर्श स्थान है


Innovative film city


विभिन्न आयु समूहों के लिए ,युवाओं के साथ साथ वृद्धो के लिए भी कई गलीविधिया है, बच्चों के लिए कार्टून पार्क आकर्षण का मुख्य केंद्र है

और यहाँ पे विभिन्न वास्तु कला के टुकड़े देखने में दिलचस्प और अद्भुत लगते है, यह बच्चों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है


लाल बाग बाटनिकल गार्डन (lal bagh botanical garden)

यह एक विशाल गार्डन है जो की 240 एकड़ में बना है, इसमें तरह तरह के वनस्पति है जो दुनिया में और कही नही पाए जाते, इसका निर्माण हेदर अली द्वारा 1889 में करवाया गया था, यह बहुत ही सुंदर बगीचा है


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वेंकटप्पा आर्ट गैलरी (venkatappa art gallery)

इसका निर्माण 1967में लोकप्रिय शिल्पकार के.वेंकटप्पा के निधन की स्मृति में हुआ था|यहाँ पर शिल्पकारी की बहुत ही सुंदर सुंदर कलाकारी देखने को मिलती है


Rajdhani karnatak


 

कर्नाटक की (Rrajdhani) के अन्य पर्यटन स्थल

  • जवाहर लाल नेहरु प्लैनेटेरियम (jawahar lal nehru planetarium)
  • ग्रिप्स गो कार्टिंग(Grips go karting)
  • शिव मंदिर(shiva temple)
  • बैंगलोर एक्वेरियम(bangalore aquarium)
  • हल एयरोस्पेस म्यूजियम (HAL aerospace museum)
  • लुम्बिनी गार्डन्स(lumbini gardens)
  • एम् जी रोड(M.G road)
  • बननेर्घाता नेशनल पार्क(bannerghatta national park)
  • यु बी सिटी मॉल(UB city mall)
  • प्ले एरीना(play arena)
  • मैरी बासिलिका(st. Mary’s basilica)

 

इतिहास = बेंगलुरु पर बहुत सरे शासको ने राज किया उनकी कई निशानिय आज भी बेंगलुरु में है|जो उनकी स्मारक है | बेंगलुरु के  इतिहास ने बहुत कुछ देखा है, मुगलों,अंग्रेजो आदि सबके शासन का प्रतीक है

संस्कृति =बेंगलुरु की कला और शिल्प पूरी दुनिया में सबसे त्रुटीहीन है,लड़कियों की नकाशी,हाथीदांत नक्काशी के बेहतरीन शिल्प है|बेंगलुरु की शिल्प और देशो की शिल्प से बहुत बेहतर है

बेंगलोरे कला, मनोरंजन दीर्घाओ, उज्जवल नाईट लाइफ, विशाल शौपिंग मॉल की एक बड़ी संख्या के साथ है, बेंगलोरे में पूरे शहर में खाने के व्यंजनों की खाने है

सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ यहाँ पर उपस्थित है|यहाँ पे पीसा हुआ फ़िल्टर कॉफ़ी भी हर किसी के लिए बहुत पसंदीदा है

यहाँ का पहनावा बहुत ही साधारण तथा मन को भा लेने वाला है|यहाँ की औरते ख़ास तौर पे साड़ी पहेनती है तथा पुरुष धोती पहनते है

ये शहर मॉडर्न सिटी होने के बाद भी अपनी संस्कृति के इज्ज़त करता है|यहाँ के लोग अपने मन पसंद तरह के कपडे पहनने के लिए स्वतंत्र है

यहाँ पे बहुत सारे बाग़ है,अपनी हलियाली के कारण इसे भारत की गार्डन सिटी भी कहा जाता है

पूरे भारत के नगर त्यौहार जैसे दीपावली, होली, दशहरा, ईद, गणेश चतुर्थी आदि त्यौहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है

 

बेंगलुरु में कौन कौन सी फसलें शामिल है

चावल,दाले,मक्का ,तिलहन,काजू ,गन्ना ,इलायची आदि शामिल है

  • बेंगलुरु की जनसँख्या  = 13,193,035 (2022)

बेंगलुरु समय के साथ साथ वृद्धि करता हुआ देश है,इसकी वृद्धि के साथ इसकी जनसँख्या भी बढ़ रही है

बेंगलुरु में स्थानीय कन्नड़ लोगो की आबादी 41%
बेंगलुरु में तमिल लोगो की आबादी 25%
बेंगलुरु में तेलुगु लोगो के आबादी 14%
बेंगलुरु में केरलवासी की आबादी 8 %
अन्य जातियाँ 6%

 

जलवायु बेंगलुरु अपनी ऊंचाई के कारण आमतौर पर पूरे वर्ष में अधिक माध्यम जलवायु का आनंद लेता है

जिसमे सबसे अच्छा महीना जनुअरी का होता है जिसमे तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस होता है और अप्रैल में तापमान 39.2डिग्री सेल्सियस होता है, बेंगलुरु में ज्यादा गर्मी पड़ती है और न ही ज्यादा सर्दी पड़ती है

 

बेंगलुरु में बोली जाने वाली भाषाएँ

बेंगलुरु एक ऐसा देश है जहा पर अलग अलग जगह से आके लोग बसे है इसलिए यहाँ की भाषाएँ भी कई तरह की बोली जाती है |कन्नड़ इनकी मुख्य भाषा है

नंबर भाषा बोलने का प्रतिशत
1. कन्नड़ 44.5%
2. तमिल 15%
3. तेलुगु 14%
4. उर्दू 12%
5. हिंदी 6%
6. मलयालम 3%
7. मराठी 2.07%
8. अन्य 4.42%

 

बेंगलुरु में अलग अलग धर्म के लोग पाए जाते है

बेंगलुरु में ज्यादा हिंदी धर्म के लोग रहते है,पर जैसा हम जानते है की कर्नाटक सब धर्मो और जातियों ला संग्रह है तो और अन्य धर्मो अथवा जातियों के लोग भी बेंगलुरु में रहता है

नंबर धर्म प्रतिशत
1 हिन्दू धर्म 78.87%
2 इस्लाम   धर्म 13.90%
3 ईसाई   धर्म 5.61%
4 जैन  धर्म 0.97%
5 सिख धर्म 0.15%
6 बुद्ध धर्म 0.06%
7 अन्य 0.44%

 

बेंगलुरु के कुछ तथ्य (facts of bengaluru)


  1. यह एक मेगा सिटी है |क्युकी इसकी आबादी 1 करोड़ से ज्यादा है |
  2. बेंगलुरु देवी देवताओं का घर माना जाता है,क्युकी यहाँ पे बहुत से मंदिर है|
  3. ऊंचाई पर स्थित यह एक ठंडा शहर है|
  4. यह झीलों का शहर है  क्योंकि यहाँ पे बहुत सी झीलें है|
  5. यह पहली इलेक्ट्रॉनिक सिटी है|
  6. इसे सिलिकॉन वैली ऑफ़ इंडिया भी कहा जाता है|
  7. बहुत सारी आईटी की कंपनिया यहाँ पर स्थित है|
  8. यहाँ के लोग बहुत की काबिल तथा पढ़े लिखे होते है|
  9. इसरो का मुख्य भवन भी यही पर है|
  10. सबसे ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज बेंगलुरु में है|
  11. यहाँ पे बहुत से पुराने किले तथा इमारतें है जिस करके ये हमारे इतिहास की एक झलक दिखता है|
  12. एयरोस्पेस का मुख्य भवन भी यही पर है|
  13. बेंगलुरु में ही कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री भी बसी हुई है|
  14. इसे पब कैपिटल ऑफ़ इंडिया भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ पे 800 से ज्यादा पब और बार है|
  15. यहाँ पे बहुत कॉन्सर्ट भी होते है |इसलिए इसे रॉक कैपिटल ऑफ़ इंडिया भी कहा जाता है|
  16. यहाँ पे सबसे ज्यादा शाकाहारी लोग रहते है,यहाँ के ज्यादा रेस्टोरेंट शाकाहारी है|
  17. इस शहर में पूरे शहर के लिए मुफ्त WIFI का प्रबंध है|
  18. ज्यादा तर नोबल पुरुस्कार के लिए लोगो को इस शहर से बुलाया जाता है|

FAQs – Karnatak ki Rajdhani ka Naam 

सवाल : बेंगलुरु किसकी राजधानी है?

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधनी है

सवाल : बेंगलुरु को सिलिकॉन वैली इफ इंडिया क्यों कहा जाता है?

बहुत सारी कंपनियां ,इंजीनियरिंग कॉलेज तथा पहली इलेक्ट्रॉनिक सिटी होने के कारण इसको इंडिया की सिलिकॉन वैली कहते है

सवाल : कर्नाटक की राजधानी(Capital) क्या है?

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी है

सवाल : कर्नाटक में कितने जिले है?

कर्नाटक में 30 जिले है

सवाल : बेंगलुरु का मौसम कैसा रहता है?

बेंगलुरु में न अधिक गर्मी पड़ती है न ही अधिक सर्दी ,इसी कारण इसका मौसम सुहाना रहता है

सवाल : कर्नाटक में सबसे प्रसिद्द क्या है?

कर्नाटक में सबसे प्रसिद्द आईटी सेक्टर है जो की कर्नाटक की राजधानी में है

सवाल : कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर कौन सा है?

कर्नाटक का सबसे बड़ा शहर गुलबार्ग है

सवाल : कर्नाटक का  मुख्य मंत्री कौन है?

बसवराज बोम्मै

सवाल : कर्नाटक में कौन सी भाषा बोली जाती है?

कर्नाटक में कन्नड़  भाषा बोली जाती है


Conclusion

इस ब्लॉग लेख में आपने karnataka ki Rajdhani बारें में जाना। आशा करते है आप कर्नाटक की राजधानी (Capital) क्या है का हिन्दी मे क्या अर्थ होता है की पूरी जानकारी जान चुके होंगे।

अगर आपका इससे संबन्धित किसी भी तरह का सवाल है तब नीचे कमेन्ट में पूछ सकते है जिसका जवाब जल्द से जल्द दिया जायेगा।

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