नेपाल की राजधानी कौन सी है (Nepal ki Rajdhani kya Hai)

आज का हमारा विषय हमारे पड़ोसी राष्ट्र Nepal ki rajdhani से संबंधित होने वाला है। आज के इस लेख में हम नेपाल की राजधानी से जुड़ी वे सभी बातें आपके साथ साझा करने वाले हैं जो शायद आपको पहले पता ना होगी।

जैसा कि हम जानते हैं की, नेपाल हमारा उत्तर पूर्व में स्थित एक पड़ोसी राष्ट्र हैं। भारत और नेपाल के संबंध हजारों वर्षों से चले आ रहे हैं परंतु बीते कुछ समय में भारत और नेपाल के संबंधों के बीच में कुछ कड़वाहट हमें दिखाई देती हैं, इसके कई कारण हैं।

जैसे कि नेपाल का साम्यवादी चीन की ओर ज्यादा झुकाव होना या भारत के साथ नेपाल का उत्तराखंड में काला पानी क्षेत्र को लेकर विवाद होना आदि, सब कारणों से आज भारत और नेपाल के संबंध अच्छी अवस्था में नहीं है।

भारत और नेपाल दोनों ही हिंदू धर्म के संरक्षक के रूप में माने जाते हैं, परंतु पिछले कुछ वर्षों में नेपाल ने स्वयं को हिंदू राष्ट्र के दर्जे से अलग कर दिया है, अर्थात कि उसने भी अपने आपको धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप मे स्थापित किया है।

तो आज के इस लेख में हम इसी प्रकार की कुछ अन्य जानकारियां आपके साथ साझा करने वाले हैं, जैसे कि Capital of Nepal in Hindi, नेपाल की राजधानी को कब बनाया गया था, भारत और नेपाल के संबंध आदि।

 

Nepal ki rajdhani
Nepal ki rajdhani (capital) kya hai

 

विषय

नेपाल की राजधानी कौन सी है – Nepal ki Rajdhani kya Hai 

 वर्तमान में नेपाल की राजधानी काठमांडू हैं। या भारत और चाइना के बीच में स्थित हैं। 

यह शहर बहुत ही खूबसूरत और पहाड़ियों से घिरा हुआ है और इसके बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह विश्व की सबसे सुंदर राजधानियों में से एक हैं।

इसकी जो सबसे बड़ी विशेषता है कि अन्य राजधानियों की भांति यहां पर बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण नहीं है, जिस कारण से यह ‘विश्व की ऑर्गेनिक कैपिटल’ के रूप में भी जानी जाती हैं।

काठमांडू में कई सारे हिंदू देवी देवताओं के मंदिर अवस्थित हैं इस कारण से इसे ‘विश्व की हिंदू राजधानी’ के रूप में भी जाना जाता है।

हर वर्ष भारत से कई सारे पर्यटक इन हिंदू देवी देवताओं के मंदिरों में दर्शन करने हेतु काठमांडू में आते हैं जिससे नेपाल की अर्थव्यवस्था को एक अलग ही प्रकार की गति प्रदान होती हैं।

 

काठमांडू को Capital of Nepal कब और किसके द्वारा बनाया गया था 

काठमांडू को नेपाल की राजधानी बनाने का इतिहास बड़ा ही रोचक है।

आज से लगभग 200 से 300 वर्ष पूर्व 18 वीं सदी के अंत में काठमांडू को नेपाल की राजधानी बनाया गया था और उस समय से लेकर आज तक भी नेपाल की राजधानी के रूप में काठमांडू ही स्थित है।

गोरखा के राजा द्वारा सन 1768 में काठमांडू को Nepal ki rajdhani बनाया गया था।

यह गोरखा राजा पृथ्वी नारायण शाह थे और इनके द्वारा ही काठमांडू को बसाया और संपूर्ण रूप से व्यवस्थित किया गया था।

जब इनके द्वारा नेपाल में मल्ल गणराज्य का अंत कर दिया गया, उस समय ही वहां पर एक अलग राजवंश की स्थापना पृथ्वी नारायण शाह द्वारा की गई थी।

काठमांडू को पूर्व में कांतिपुर नगर के नाम से भी जाना जाता था इसका कि बाद में नाम बदलकर काठमांडू कर दिया गया।

 

नेपाल की राजधानी(काठमांडू) में प्रमुख पर्यटक स्थल 

जैसा कि हम जानते हैं किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उसी समय आगे बढ़ सकती है, जब वहां पर अन्य देशों से पर्यटक आए और संस्कृति का आदान प्रदान करें।

आज संपूर्ण विश्व में ऐसे कई राष्ट्रीय हैं जिनकी संपूर्ण अर्थव्यवस्था मात्र पर्यटन क्षेत्र पर ही निर्भर हैं, जैसे कि श्रीलंका या इंडोनेशिया या मलेशिया या थाईलैंड इत्यादि।

इन सभी राष्ट्रों की तरह काठमांडू में भी कई सारे पर्यटन स्थल हैं जो कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कोई कमी नहीं छोड़ते हैं।

तो आज के इस लेख में हम आपको नेपाल की राजधानी काठमांडू के ऐसे प्रमुख 10 पर्यटक स्थलों के बारे में बताने वाले हैं जिनके बारे में सुनकर आपका मन भी वहां जाने के लिए आतुर हो उठेगा।

 

  1. काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ महादेव का मंदिर 

यह मंदिर मुख्यता हिंदू धर्म को समर्पित एक मंदिर है, इसमें भगवान शिव की मूर्ति विराजमान है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके मुख्य द्वार से केवल हिंदू धर्म के लोगों को ही जाने की आज्ञा है, ना कि गैर हिंदुओं को।

इसके अलावा यहां हिंदू धर्म के मर्त शवों का अंतिम संस्कार भी किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि किसी मुर्दे का यहां पर अंतिम संस्कार करने पर स्वयं भगवान शिव उसको अपने अंदर समाहित कर लेते हैं, जिससे उसका जन्म मरण का यह चक्र समाप्त हो जाता है।

यह पशुपतिनाथ का शिव मंदिर काठमांडू में बागमती नदी के किनारे स्थित है। इस पशुपतिनाथ मंदिर को 1979 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी सम्मिलित किया जा चुका है।


  1. स्वयंभूनाथ का मंदिर 

काठमांडू के पास स्थित एक ऐसा मंदिर है, जिसे मंकी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां पर मंदिर के बहुत बड़े हिस्से में बंदरों का निवास स्थान हैं।

काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ शिव मंदिर के बाद में यह स्वयंभूनाथ का मंदिर दूसरा सबसे प्रमुख स्थान माना जाता है।

कई लोगों द्वारा यह माना जाता है कि यहां पर हनुमान जी का स्थान है इसी कारण यहां पर बंदरों की बहुत बड़ी संख्या रहती हैं परंतु यहां पर बंदरों की बहुत बड़ी संख्या रहने का कारण इसके चारों और बहुत बड़ा जंगल होने के कारण है।


  1. चितवन नेशनल पार्क 

यह राष्ट्रीय अभ्यारण भी Nepal ki rajdhani काठमांडू के आसपास घूमने के लिए एक सर्वोत्तम स्थान है। यहां पर आपको बंगाल टाइगर और एक सींग वाला गेंडा बहुत आया तो मैं देखने को मिलेंगे।

इस चितवन नेशनल पार्क की यह विशेषता है कि यहां आपको ऐसी प्रजातियां देखने को मिलेगी जो वर्तमान में विलुप्त होने की कगार पर आ चुकी हैं।


  1. काठमांडू में स्थित स्तंभ 

काठमांडू में हिंदू धर्म के अलावा बौद्ध धर्म के लोग भी बहुतायत में निवास करते हैं इस कारण से यहां पर अनेक सारे बौद्ध मंदिर भी स्थित हैं।

यहां पर एक बौद्ध धर्म का बहुत बड़ा स्तूप स्थित है जोकि बौद्ध धर्म में सबसे पवित्र माना जाता है। यह बौद्ध स्तूप भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कोई कमी नहीं छोड़ता है।


  1. हिमालय की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट

जैसा कि आप सभी जानते हैं हिमालय की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट भी नेपाल में स्थित है और इसे दी नेपाल की राजधानी काठमांडू से आसानी से देखा जा सकता है।

अगर आप भी माउंट एवरेस्ट को फतह करना चाहते हैं तो आपको भी काठमांडू से होकर ही यहां पर जाना होगा।

हिमालय की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की कुल ऊंचाई 8848 मीटर है। हिमालय को नेपाल में सागरमाथा के नाम से जाना जाता है।


  1. काठमांडू के पास स्थित पोखरा महानगरी

काठमांडू के बाद में नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा शहर हैं। इसकी क्या विशेषता है कि यह सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित नेपाल का शहर हैं। यह पोखरा नगर लगभग 900 मीटर से भी ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है।


  1. काठमांडू के पास स्थित नगरकोट गांव

यह छोटा सा गांव काठमांडू के पश्चिम में स्थित है। अगर आप भी हिमालय की ऊंचाइयों को अपनी आंखों के बेहद करीब से देखना चाहते हैं तो आपको यहां पर जाना होगा।

यह नगरकोट नगर नेपाल के भक्त पुर जिले में स्थित एक छोटा सा गांव है। यहां पर हर साल कई सारे पर्यटक आवागमन करते हैं।


  1. काठमांडू के पास ही स्थित जनकपुर शहर 

यह नेपाल में स्थित जनकपुर शहर हिंदू धर्म की आस्था से जुड़ा हुआ एक प्रमुख स्थान है। यहां पर ही हिंदू धर्म के प्रमुख देवता श्री राम का विवाह हुआ था तथा उनकी पत्नी सीता माता का जन्म हुआ था।

इस नगर का नाम जनकपुर माता सीता के पिता राजा जनक के नाम पर पड़ा है। राजा जनक के नाम पर इस शहर का नामकरण जनकपुर किया गया।

यहां पर बहुत सारे हिंदू धर्म के मंदिर हैं, इस कारण से यहां पर हिंदू पर्यटकों का बेहद ज्यादा आवागमन होता है।


  1. नेपाल में स्थित लुंबिनी वन

यह स्थल भी काठमांडू से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थल बौद्ध धर्म के लिए प्रमुख स्थान माना जाता है।

इस लुंबिनी वन में हमें महान सम्राट अशोक के कई सारे स्मारक देखने को मिलते हैं और इसके साथ ही यहां पर माया देवी का मंदिर भी स्थित है।

इसी लुंबिनी वन में भगवान बुद्ध द्वारा अपनी तपस्या की गई थी।


  1. काठमांडू के पास स्थित चांगु नारायण मंदिर 

यह मंदिर भी नेपाल में एक पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है और यहां पर अधिक मात्रा में हिंदू श्रद्धालु आते हैं।

यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित हैं।

इस मंदिर मे भगवान विष्णु की प्रतिमा के साथ-साथ ही श्री शेषनाथ भगवान की प्रतिमा भी स्थापित की गई हैं। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार या नेपाल का सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर है जिसकी स्थापना लगभग चौथी शताब्दी में की गई थी।


भारत की राजधानी से नेपाल की राजधानी कितनी दूर है

अगर बात की जाए भारत की राजधानी नई दिल्ली से काठमांडू की दूरी थी, तो यह लगभग 1000 किलोमीटर तक हैं।

परंतु अलग-अलग आवागमन के माध्यमों से अगर हम काठमांडू में जाते हैं तो यह 1120 किलोमीटर तक भी पड़ सकती हैं।


नेपाल की राजधानी में कैसे पहुंचा जा सकता है

आपके मन में भी या विचार आ रहा होगा कि काठमांडू में आवागमन के कौन-कौन से साधनों द्वारा पहुंचा जा सकता है तो इसका जवाब है

हम काठमांडू में वायु मार्ग या फिर सड़क मार्ग के द्वारा पहुंच सकते हैं।

अगर आप हवाई जहाज द्वारा काठमांडू में जाना चाहते हैं तो भारत के किसी भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आपको इसके लिए हवाई जहाज मिल जाएगी जो कि आपको काठमांडू में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारेगी।

और अगर आप सड़क मार्ग के द्वारा काठमांडू पहुंचना चाहते हैं तो आप उत्तर प्रदेश या बिहार के उन शहरों में जा सकते हैं जिनसे की नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा लगती हैं।

यहां से आपको कई सारी बसों द्वारा काठमांडू में पहुंचा दिया जाएगा।

भारत से नेपाल जाने वाले लोगों के लिए किसी प्रकार की वीजा की आवश्यकता नहीं होती हैं जो कि एक सबसे बड़ी बात या विशेषता कही जा सकती हैं।

 

काठमांडू घूमने का सबसे उपयुक्त मौसम कौन सा है 

अगर आप भी नेपाल की राजधानी घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए सबसे उपयुक्त मौसम शरद ऋतु या ग्रीसम ऋतु हैं। नेपाल के मौसम की एक यह विशेषता है कि यहां पर ना तो बहुत ज्यादा सर्दी पड़ती है और यहां पर ना बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है।

इस कारण से आप वर्षा ऋतु को छोड़कर इन दोनों रितुओं में काठमांडू घूमने का लुत्फ उठा सकते हैं।

 

काठमांडू जाने के लिए आपको कौन कौन से दस्तावेज चाहिए होंगे 

अगर आप भी इस वर्ष की छुट्टियों में नेपाल जाने या घूमने का मन बना रहे हैं तो आपके मन में या विचार आ रहा होगा कि हमारे पास कौन कौन से दस्तावेज होने चाहिए।

तो आपके पास एक पासपोर्ट और अपनी एक फोटो आईडी कार्ड होना चाहिए। अगर आप एक सरकारी कर्मचारी हैं तो आपका पहचान पत्र भी दिखा सकते हैं।

क्योंकि भारत से नेपाल जाने के लिए किसी भी वीजा की आवश्यकता नहीं है, तो आपको भारत से किसी प्रकार की वीजा लेने की आवश्यकता भी नहीं होगी।

इसके अलावा आपके पास अपने ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड या पैन कार्ड में से कोई भी एक फोटो आईडी कार्ड होना चाहिए।

साथ ही आपके पास अपनी नवीनतम पासपोर्ट साइज की फोटो भी होनी चाहिए।

 

FAQ : Nepal ki rajdhani ka Naam 

सवाल : नेपाल की राजधानी(Capital)कौन सी है।

वर्तमान में नेपाल की राजधानी काठमांडू है।

सवाल : हिंदुओं का प्रमुख धार्मिक स्थल पशुपति नाथ शिव मंदिर कहां पर स्थित है 

हिंदुओं का यह प्रमुख मंदिर काठमांडू में स्थित है।

सवाल : काठमांडू के किस स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित किया गया है।

काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ शिव मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रुप में सम्मिलित किया गया है।

सवाल : क्या हमें नेपाल जाने के लिए किसी वीजा की आवश्यकता होती है।

अगर आप भारत के नागरिक हैं तो आपको नेपाल जाने के लिए किसी वीजा की आवश्यकता नहीं होती हैं।

सवाल : काठमांडू का प्राचीन नाम क्या था।

काठमांडू का प्राचीन नाम कांतिपुर था।

 

conclusion

आज के इस हमारे ज्ञानवर्धक लेख में हमने नेपाल की राजधानी के बारे में वह सभी बातें आपके साथ साझा की जो कि आपके लिए जानना बेहद जरूरी थी।

अगर आप भी Nepal ki rajdhani घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको हमारा यह लेख पढ़कर बेहद अच्छा लगा होगा

हम आशा करते हैं आपको हमारा या ज्ञानवर्धक लेख पसंद आया होगा

अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो अपने प्रमुख विचारों को हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें ताकि आगे आने वाले समय में हम आपके लिए इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक लेख लाते रहे और आप की ज्ञान में वृद्धि करते रहे। धन्यवाद

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