Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha

pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha : जैसा की आप सब कभी कभी एक सवाल से हमेशा रूबरू हुए होंगे या फिर कहीं न कहीं जरूर पढ़ा होगा (प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन कब और कहां हुआ था)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ऐसे सवाल बहुत सी परीक्षा में पूछे जाते हैं, ऐसे बहुत से लोग है जिनको इस विषय के बारे में ज्ञात नहीं होगा

पृथ्वी हमारे सौरमंडल का एक ऐसा ग्रह है जहां जीवन है, एक ऐसा ग्रह जहां पर्यावरण हैं, जहां पेड़ पौधे हैं, अनेकों प्रकार के जीव जंतु हैं

परंतु आज पृथ्वी पर जहां टेक्नोलॉजी का बोल बाला है वहीं आज के समय में प्रदूषण, पेड़ की कमी, ग्लोबल वार्मिंग, जैसे समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं

अनेकों कैंपेन चलते हैं, जिसमे पृथ्वी को सुरक्षित रखने के बारे में बात की जाती है

अनेकों वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जो बताते हैं कि अगर प्रदूषण इसी प्रकार बढ़ता रहा और पेड़ों की कटाई प्रतिदिन इसी प्रकार बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में इस पृथ्वी का विनाश निश्चित है परंतु लोग पेड़ों को काटने से बिल्कुल भी संकोच नहीं करते है

जिस तरह आज का इंसान तरक्की करता जा रहा है जिस तरफ से गांव शहर में बदलते जा रहे है, इससे हमारी पृथ्वी को बहुत ही ज्यादा नुकसान हो रहा है

क्योंकि गांव जिस तरह से शहर बन रहे है उससे खेती कम होती जा रही है जिससे आने वाले वक्त में भुखमरी होने की भी संभावना है

अनेकों घटनाएं भी आए दिन सामने आती रहती हैं समुद्री तट के पास गन्दगी कम करने के भी कोई साधन नहीं हैं

हमारी पृथ्वी का पर्यावरण तेज़ी से बदल रहा है उससे यही अंदाजा लगाया गया है कि आने वाले कुछ सदियों में पृथ्वी से जीवन खत्म हो सकता है

क्योंकि प्रदूषण के चलते सांस लेने के लिए भी स्वच्छ ऑक्सीजन नहीं होगी सब्जी उत्पन्न करने के लिए उपजाऊ मिट्टी नहीं होगी

ऐसे में हमारी दुनिया के लगभग सभी देशों ने फैसला किया और प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन किया

 

Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha
Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha

 

Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha (प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन कब और कहां हुआ था)

प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन को हम सब अनेकों नामों से भी जान सकते है जैसे पृथ्वी शिखर सम्मेलन, पृथ्वी शिखर सम्मेलन, रियो शिखर सम्मेलन और साथ में पृथ्वी शिखर सम्मेलन

जैसा कि हम सभी जानते है कि जिस तरह से हमारी दुनिया में प्रदूषण (pollution) दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा है हर दिन बहुत से पेड़ों को काटा जाता है, स्वच्छ पानी की कमी भी बढ़ती जा रही है, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियर भी पिघलते जा रहे है

इन सबका समाधान निकालने के लिए आज से  3 दशक पहले रियो डी जेनेरो में 3 से 14 जून के बीच  1992 में प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन हुआ, 

एजेंडा 21 के विषय में अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन ने भी कहा था कि एजेंडा 21 सभी देशों को बनाना चाहिए


प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन में कितने देशों ने भाग लिया था

आज की इस धरती पर अनेकों देशों का बोल बाला है ऐसे बहुत से देश है जो किसी न किसी वजह से पूरी दुनिया में झंडे गाड़ रखे हैं परंतु हमारी धरती पर एक समस्या जो सभी देशों के लिए चिंता का विषय बनी बैठी है

आज की इस आधुनिक दुनिया में जिस तरह से टेक्नोलॉजी आगे बढ़ती जा रही है, उसी तरह से हमारा पर्यावरण खतरे में आता जा रहा है

इसी समस्या को जड़ से सही करने के लिए रियो डी जेनेरो में 3 से 14 जून को 170 से भी ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था जिससे पृथ्वी की जैव विविधता की रक्षा कर सकें

 

अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन क्या है

आज के इस आधुनिक युग में सम्मेलन होना आम बात है वहीं अगर इस अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन की बात करे तो ये पूरी दुनियां के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण सम्मेलन था क्योंकि इस सम्मेलन में चर्चा का विषय था पृथ्वी को बचाना

जहां हम सब एक साथ रहते है पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन हुआ था जिसमें करीब 170 से भी ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने, हजारों स्वयंसेवी संगठनों ने, अनेक बहुराष्ट्रीय निगमों ने भाग लिया था

अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन में अनेकों वैज्ञानिक और विशेषज्ञ ने भी भाग लिया था इस सम्मेलन का उद्देश्य पृथ्वी से प्रदूषण को जड़ से खत्म करना था धरती के पर्यावरण को सुरक्षित रखना था !

क्योंकि देश के विकसित और लोगों के विकसित होने से धरती पर बहुत ही ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है जो हम सबके भविष्य के लिए एक चिंता का विषय है

जिस गति से लोग अपने काम को सरल बनाने के लिए प्रतिदिन टेक्नोलॉजी का विकास कर रहे है प्रतिदिन देश आधुनिक बनता जा रहा है उसी प्रकार से धरती पर प्रदूषण बढ़ता जा रहा है

धरती विनाश के कगार पर पहुंच रही है इन्हीं बातों को मद्देनजर रखते हुए 170 से भी ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने, वैज्ञानिकों ने और विशेषज्ञों ने बैठक की थी जिससे सब लोग धरती को विनाश से बचाने के ऊपर चर्चा करके तरकीब निकाल सके


एजेंडा क्या होता है

किसी सभा या मीटिंग में जिन मुद्दों पर विचार किया जाना हो उनकी सूची को एजेंडा कहते हैं

अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन में एजेंडा 21 क्या है?

हम सभी लोग जान चुके हैं कि Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha और हम ये भी जान चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन क्या है तो अब हम सब ये भी जानते हैं कि एजेंडा 21 क्या है

जैसा कि हम सभी जान चुके हैं कि पृथ्वी के विनाश को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन रखा गया था उसी सम्मेलन में एक एजेंडा 21 भी विषय था जिसको लगभग सभी देशों ने स्वीकारा

  • एजेंडा 21 में बताया गया था कि प्राकृतिक संतुलन को मजबूत रखें, पेड़ों की कटाई को कम से कम रखें, प्रदूषण को नियंत्रण में रखें
  • सम्मेलन में ये भी बात प्रकाशित हुई थी कि सभी देशों को एजेंडा 21 रखना चाहिए
  • आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एजेंडा 21 को एक 300 पेज का दस्तावेजों में प्रकाशित किया गया था जिसको 40 चैप्टर एवं 4 वर्गों में बांटा गया था एजेंडा 21 का उद्देश्य 21वीं सदी के दौरान सतत विकास प्राप्त करने के लिए कार्रवाई का एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम तैयार करना था

जिस तरह से एजेंडा 21 को अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन में प्रकाशित किया गया था उसमे एजेंडा 21 के उद्देश्य कुछ इस प्रकार थे


एजेंडा 21 के उद्देश्य

  1. वातावरण की सुरक्षा
  2. कृषि और ग्रामीण सतत विकास को बढ़ावा देना
  3. पर्वतीय क्षेत्रों का सतत विकास
  4. महासागरों और समुद्रों के साथ तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा
  5. मरुस्थलीकरण और सूखे के खिलाफ लड़ाई
  6. भूमि संसाधनों की योजना और प्रबंधन
  7. जैव विविधता का संरक्षण
  8. वनों की कटाई के खिलाफ लड़ाई

एजेंडा 21 में दिए हुए उद्देश्य को पूरा करने से हमारी पृथ्वी में अनेकों ऐसे परिवर्तन होंगे और ये परिवर्तन पृथ्वी को एक नया जीवन प्रदान करेंगे एजेंडा 21 की वजह से पेड़ों की कटाई पर रोक लगेगी जिससे हमारे आस पास एक स्वस्थ हवा का वातावरण होगा,

कृषि और ग्रामीण सतत विकास को बढ़ावा देगी जिससे खेती उच्च स्तर पर होगी, वातावरण की खासतौर पर सुरक्षा होगी जिससे प्रदूषण की कमी होगी, जैव विविधता का संरक्षण होगा


अब तक कितने पृथ्वी सम्मेलन हो चुके हैं?

जैसा कि आप सभी को इस लेख के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन के बारे में आधी से ज्यादा जानकारी मिल चुकी है तो अब हम सब जानते हैं कि अब तक कितने पृथ्वी सम्मेलन हो चुके है तो हम आप सभी को बता दें कि

  • पहला शिखर सम्मेलन 1972 में स्टॉकहोम (स्वीडन) में हुआ 
  • दूसरा 1982 में नैरोबी (केन्या) में, तीसरा 1992 में हुआ 
  • रियो डी जनेरियो (ब्राजील) में हुआ 
  • चौथा जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में 2002 में हुआ 

पृथ्वी शिखर सम्मेलन स्वीडन के स्टॉकहोम में 5 जून से 16 जून 1972 को आयोजित हुआ था यह ग्रहीय पर्यावरण पर पहला वैश्विक अभिसमय था इसका विषय ‘Only One Earth’ था आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस सम्मेलन में 122 देश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था

इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य अंतराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय पर्यावरण के संरक्षण तथा सुधार की विश्वव्यापी समस्या का निदान करना था पर्यावरण के संरक्षण के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का यह पहला प्रयास था

स्टॉकहोम सम्मलेन की 20वीं वर्षगांठ पर पहला पृथ्वी सम्मेलन आयोजित किया गया इसका प्रमुख मुद्दा भविष्य में आने वाले पर्यावरण की चिंताओं के ऊपर विचार-विमर्श करना और उसके ऊपर ठोस योजना बनाना था

यह संभवत: दुनिया का पहला ऐसा सम्मेलन था, जहाँ पर्यावरण समस्याओं पर विचार करने के लिए दुनिया भर के देशों ने भाग लिया था

हमारी दुनिया में जहां प्रदूषण प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है, अनेकों फैक्ट्री से निकलता प्रदूषण पर्यावरण को दूषित करता जा रहा है

वहीं दूसरी ओर प्रदूषण से होने वाली हानियां जो हमारे पर्यावरण को दूषित करती जा रही है इसी को रोकने के लिए केन्या के नैरोबी शहर में दूसरा पृथ्वी सम्मेलन 10 मई से 18 मई 1982 को हुआ

इस सम्मेलन में 105 देश शामिल हुए थे इस सम्मेलन में सर्वसम्मपति से स्वीकार की गई घोषणा को ही ‘नैरोबी घोषणा’ कहते हैं

इस घोषणा में यह स्वीकार किया गया कि स्टॉकहोम घोषणा के सिद्धान्त आज भी उतने ही प्रांसगिक हैं जितने यह सिद्धान्त स्टॉकहोम सम्मेलन 1972 के समय थे !

नैरोबी के सम्मेलन में ये प्रकाशित किया गया कि जितना खतरा गरीबी से है उतना ही खतरा उपभोग की वस्तुओं तथा उपभोग के तरीकों से हैं इस सम्मेलन में बताया गया कि जो देश विकसित है

वो देश उन देशों की पर्यावरण क्षेत्रों में सहायता करे जो विकसित नहीं है जो पर्यावरण की समस्याओं से जूझ रहे हैं नैरोबी सम्मेलन में ये भी बताया गया कि पर्यावरण क्षति के निवारण को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है


पृथ्वी सम्मेलन रखने का उद्देश्य

हम सभी को पता है कि पृथ्वी हमारे जीवन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है जिस तरह से पर्यावरण बदलता जा रहा है ग्लोबल वार्मिंग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है वह हमारी पृथ्वी के लिए हानिकारक है और ये सबसे बड़ा विषय है

जिस पर चर्चा करके बड़े फैसले लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी है परंतु फैसले लेने के बाबजूद भी ऐसे बहुत सी जगह हैं जो प्रदूषण से घृषित हैं ऐसे बहुत से देश है

जहां भुखमरी है जिस तरह से गांव शहर में परिवर्तित हो रहे है उसी तरह से खेती करने के लिए उपजाऊ मिट्टी भी खत्म होती जा रही है इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए 1992 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन हुआ जिसने एक नई उम्मीद जगाई

 

FAQs – Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha in Hindi 

सवाल : प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन कब और कहां हुआ था ?

3 जून से 14 जून 1992

सवाल : प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन में कितने देश शामिल हुए थे ?

172 देश

सवाल : एजेंडा 21 के उद्देश्य ?

  1. वातावरण की सुरक्षा
  2. कृषि और ग्रामीण सतत विकास को बढ़ावा देना
  3. पर्वतीय क्षेत्रों का सतत विकास
  4. महासागरों और समुद्रों के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा
  5. मरुस्थलीकरण और सूखे के खिलाफ लड़ाई
  6. भूमि संसाधनों की योजना और प्रबंधन
  7. जैव विविधता का संरक्षण
  8. वनों की कटाई के खिलाफ लड़ाई

सवाल : अब तक कितने पृथ्वी सम्मेलन हो चुके हैं?

  • पहला शिखर सम्मेलन 1972 में स्टॉकहोम (स्वीडन) में हुआ
  • दूसरा 1982 में नैरोबी (केन्या) में, तीसरा 1992 में हुआ
  • रियो डी जनेरियो (ब्राजील) में हुआ
  • चौथा जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में 2002 में हुआ

सवाल : प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन को और किन नामों से जाना जाता है?

रियो जी जनेरू पृथ्वी शिखर सम्मेलन, रियो शिखर सम्मेलन, रियो सम्मेलन, पृथ्वी शिखर सम्मेलन

 

Conclusion

आज के इस आर्टिकल में हम सब ने जाना कि Pratham antarrashtriya prithvi sammelan kab aur kahan hua tha ( प्रथम अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन कब और कहां हुआ था)

ये भी जाना कि इस सम्मेलन में कितने देश शामिल हुए, एजेंडा 21 के बारे में भी जाना और ये भी जाना कि किस विषय पर अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन में चर्चा हुई थी

आज के आर्टिकल में सम्पूर्ण जानकारी के बाद हम आशा करते है कि आपको आज का ये आर्टिकल अच्छा लगा होगा अगर आपके कुछ सुझाव हो तो आप अपने सुझाव comment box के जरिए से बताइए इसे share भी करिये
धन्यवाद

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