मध्य प्रदेश (MP) की राजधानी कहां है – Madhya Pradesh ki Rajdhani

Madhya pradesh ki rajdhani : यह भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसमे भारत के लगभग हर बड़े राज्य की झलक दिखाई पड़ती है

मध्यप्रदेश को भारत का हृदय प्रदेश भी कहा जाता है तथा यह राज्य भारत की सभी संस्कृतियों तथा विरासतों का संगम है, मध्यप्रदेश विरासत, संस्कृति, तथा प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है

मध्य प्रदेश अपनी चारो तरफ से राज्यों से घिरा हुआ है इसीलिए इसे हृदय प्रदेश भी कहा जाता है, यह राजस्थान के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रदेश है

मध्य प्रदेश का  वातावरण न ही अधिक सर्द होता है न ही अधिक गर्म यहाँ पर हर प्रकार की ऋतु का आनंद देखने को मिलता है

 

Capital of Madhya pradesh
मध्य प्रदेश (MP) की राजधानी (Capital) कहां है

 

विषय

Madhya Pradesh ki Rajdhani Ka naam kya Hain  

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है भोपाल मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है इसको झीलों का शहर भी कहा जाता है तथा यहाँ के झीलें 11 शताब्दी से यहाँ स्थित है

भोपाल की जनसँख्या 2022 में 2,505,183 है भोपाल का बहुत मजबूत आर्थिक आधार है

जिसमें शहर और उसके आसपास के कई बड़े और माध्यम उघोग संचालित होते है मध्य प्रदेश के दो सबसे बड़े आर्थिक स्तंभों में से एक स्तम्भ भोपाल है

Capital of Madhya pradesh पर लेख शुरू करने पहले आप को मध्य प्रदेश के बारे में पता होना जरूरी है

इसीलिए निचे हम ने मध्य प्रदेश के राजधानी सिमित मध्य प्रदेश की भी जानकारी विस्तार में साझा की है जिसका आप को वर्तमान तथा भविष्य में जरूर फायदा होगा

 

मध्य प्रदेश की स्थापना

मध्य प्रदेश की स्थापना 1 नवम्बर 1956 को हुई थी तब यह क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा राज्य था,

1 नवम्बर 2000 के दिन छत्तीसगढ़ को नए राज्य के रूप में घोषित कर दिया गया तथा इसके बाद मध्यप्रदेश क्षेत्रफल में दुसरे नंबर पर आ गया

आज़ादी से पूर्व मध्य प्रदेश की राजधानी नागपुर हुआ करती थी जिसे 1956 में बदल कर भोपाल कर दिया गया

 

मध्य प्रदेश का इतिहास

मध्य प्रदेश का इतिहास बुन्देल, चंदेल, चौहान और मराठो के इतिहास से भरा हुआ है

महाराजा विक्रमादित्य की राजधानी उज्जैन भी मध्य प्रदेश में ही स्थित थी कई सारी रियासतों  के कारण मध्य प्रदेश कभी लम्बे समय तक किसी राजवंश के अधीन नही रहा, यहाँ मुगलों से लेके अफगानों तक का शासन रहा लेकिन कुछ ही समय तक ही

पेशवा बाजीराव के समय मराठा साम्राज्य मध्य प्रदेश में चरम पर था ग्वालियर  मराठा राजवंश सिंधिया, इंदौर में होलकर और गुजरात में गैकवाड़े का लम्बे समय तक शासन रहा जिस की वजह से  मध्य प्रदेश के दक्षिणी पश्चिप में मराठी संस्कृति की झलक नज़र आती है

इस प्रदेश का जो हिस्सा जिस राज्य के करीब होता है वह उस राज्य की संस्कृति से घुल मिल जाता है

 

मध्य प्रदेश की प्रचलित हस्तियाँ 

भारत की कई बड़ी हस्रातियाँ जिनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है जैसे लक्ष्मी बाई, कान्त्या टोपे और चंद्रशेखर आज़ाद वो भी मध्य प्रदेश से थे

नावेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और सुप्रीम कोट के दो जस्टिस भी मध्य प्रदेश से थे

लता मंगेशकर,सलमान खान, जोनी वोकर, जया बच्चन आदि भी मध्य प्रदेश के ही है

डॉ भीम राव आंबेडकर, अटल बिहारी बाजपाई राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा भी मध्य प्रदेश के ही है

RBI गवर्नर रघुराम राजन  तथा प्रसिद्ध लेखक और कवि में भी मध्य प्रदेश के कई नाम देखने को मिलते है

 

आज़ादी के बाद का मध्य प्रदेश 

मध्यप्रदेश में दो प्रमुख चुनावी पार्टी है

मध्य प्रदेश के पहले मुख्य मंत्री से लेकर आज तक  के मुख्य मंत्री तक मध्य प्रदेश पूरी तरह से बदल चुका हैं

पहले मध्य प्रदेश को गरीब राज्यों में गिना जाता था लेकिन बढ़ती शिक्षा, स्वास्थ्य के सेवाएँ तथा बढ़ती रोजगारी ने इसे उभरते प्रदेश के रूप में विकसित किया है

मध्यप्रदेश के 80 प्रतिशत क्षेत्रो में 24 घंटे बिजली दी जाती है

मध्यप्रदेश शांत राज्यों के रूप में लिया जाता जाता है यहाँ कई कुनीतियों को खंडित किया जाता है ये भी इसके सामाजित विकास का एक कारण है


मध्य प्रदेश की संस्कृति 

मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसमे भारत के सभी राज्यों की मिली जुली संस्कृति देखने को मिलती है

आम तौर पर मध्य प्रदेश में 5 लोक संस्कृतियों  का समावेश है

यह सांस्कृतिक क्षेत्र है जिसमे  निमाड़, मालवा, बुंदेलखंड, बघेलखंड, ग्वालियर अनेक प्रकार की गायक, नृत्य की शैलियाँ इस क्षेत्र में  पाई जाती है

जनजातियों और आदिवासियों के होने से यहाँ बड़े अलग त्यौहार भी देखने को मिलते है जैसे भगोरिया जसस्थान का गंगोर गुजरात का गरवा उत्तर प्रदेश की छठ पूजा और झारखण्ड के आदिवासी आयोजन सभी का आनंद केवल एक ही प्रदेश  में रह कर लिया जा सकता है

प्रेम मनाना और आनंद बांटना इस प्रदेश की संस्कृति है


मध्य प्रदेश की अनेक विशेषताओं 

नर्मदा नदी गंगा से भी पुरानी है तथा यह मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी नदी है

मध्यप्रदेश अत्यधिक हीरा और चरस उत्पादन करने वाला देश है तथा भारत के सभी राज्यों में से सबसे अधिक जंगल मध्यप्रदेश में ही स्थित है

यहाँ में देश के सबसे अधिक कुल 9 नेशनल पार्क है जोकि देश और दुनिया के लोगो का पर्यटन स्थल बन जाता है, नदियों के प्रदेश में यहाँ में 32 कुल छोटी और बड़ी नदियाँ है जो इसे प्राकृतिक रूप से खूबसूरत बनाती है

UNESCO द्वारा विश्व की विरासत में मध्यप्रदेश के खजुराहो और साँची स्तूपों को जोड़ा गया है


मध्य प्रदेश के प्रसिद्द पर्यटन स्थल

खजुराहो के प्रसिद्ध साँची के स्तूप और भिम्भेत्ताका की गुफाएँ, ग्वालियर का किला  झासी आदि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है

उज्जैन और अन्य धार्मिक स्थल एक अद्भुत शांती का एहसास कराते है

मध्य प्रदेश के जंगलों में कई प्रकार के वन जीव भी पाए जाते है, कान्हा बांधव गढ़ और सतपुरा नेशनल पार्क सबसे प्रमुख है


मध्य प्रसिद्ध का खाना 

चाट, भुट्टे का खीस और गडाडू किसी के मुंह में भी पानी ला सकते है, राजस्थान की दाल बाटी, महाराष्ट्र की पूरण होली और कड़ी बहुत मशहूर है

यहाँ के लोग मीठा खाने के बहुत शौक़ीन है, यहाँ पर कुछ मिठाई है जो बस यही मिलती है जैसे इंदौर की शिकंजी जिसमे बादाम और काजू पीस के पड़ता है

इंदौर का सराफा बाज़ार जहाँ पूरा बाज़ार सिर्फ खाने-पीने वाली चीज़ों से ही भरा है, मध्यप्रदेश खाने के शौक़ीन लोगो के लिए किसी जन्नत से कम नही है


मध्य प्रदेश के कुछ तथ्य 

  • मध्य प्रदेश की अर्थ व्यवस्था समय के साथ और बेहतर हो रही है मध्य प्रदेश में अभी भी कुछ खामिया शेष है
  • यहाँ पर अभी भी औरतों की सुरक्षा का उचित प्रबंध नही है पर यह देश समय के साथ काम कर रहा है
  • पौराणिक काम में मध्यप्रदेश के स्थानों का बहुत महत्त्व रहा है इसके इलावा मध्य प्रदेश में 3 शिव ज्योति लिंग भी है जो उज्जैन, ओम्कारेश्वर और ममलेश्वर में है
  • भारत में मनाए जाने वाले आयोजनों में एक कुम्भ मेला भी उज्जैन में मनाया जाता है, यह 12 वर्ष में केवल एक ही बार मनाया जाता है

 


मध्य प्रदेश (MP) की राजधानी का इतिहास 

हमारे इतिहास के हिसाब से इस जगह की खोज राजा भोज द्वारा 11 शताब्दी में की गयी थी तथा राजा के मंत्री ने इस जगह की झीलों के बहाव को नियंत्रित करने के लिए एक बहुत बड़ा डैम बनवाया था

इस डैम को राजा का नाम दिया गया है जिसकी वजह से इस जगह को भोपाल नाम से जाना जाता है, इस नाम को डैम के नाम से ही रखा गया है

17 शताब्दी में भोपाल गोंड शासन का एक गाँव  था

आधुनिक भोपाल शहर की स्थापना  दोस्त म्मोहम्मद खान के द्वारा 1660-1726 में की गयी थी, जिनकी 66 वर्ष की में मृत्यु हो गयी थी

बेगम राज्य: 1819-1926 में इन जगह पर 4 बेगमों ने राज किया कुदसिया बेगम पहली महिला शासक बनी इन्हें इनके पोते शाहजहाँ जो उत्तराधिकारी थे राज्य सँभालने को कहा था

1844-1860 में शाहजहाँ की माँ ने राज्य संभाला 1901 में शाहजहाँ की बेटी कैखुसरो ने राज्य संभाला तथा ये उत्तराधिकारी महिला की अंतिम उत्तराधिकारी थी |

आजादी से पहले Madhya Pradesh ki Rajdhani भोपाल दूसरा सबसे बड़ा मुस्लिमो द्वारा राज किया जाने वाला राज्य था

आज़ादी के बाद नवाब ने भोपाल को भारत का हिस्सा बनाने का समझौता किया, 1जून 1949 में भारत की सरकार ने भोपाल को अधिकारिक रूप से भारत का हिस्सा बना लिया

 

मध्य प्रदेश MP की राजधानी क्या है


  • हिंदी : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है
  • Hinglish : madhya pradesh ki rajdhani bhopal hai
  • English : Bhopal is the capital of Madhya Pradesh


भोपाल की जलवायु 

भोपाल में उपोषणकटीबंधीय जलवायु होती है जिसमे ठंडी, शुष्क, सर्दियाँ, गर्मी और आद्र मानसून का मौसन होता है यहाँ में ज्यादा से ज्यादा तापमान 46 डिग्री तक पहुँच जाता है तथा कम से कम तापमान 0.3 डिग्री तक गिर जाता है |


भोपाल की जनसँख्या धर्म के मुताबिक

धर्म   जनसंख्या 
हिन्दू  69.20% 
मुस्लिम  26.28% 
जैन  1.35% 
ईसाईं  1.12% 
बौद्ध  1.08% 
अन्य  0.6% 

 भोपाल में 936,168 पुरुष तथा 862,050 महिलाऐं है, भोपाल में पुरुष की साक्षरता 89.2%  है तथा 80.01 % औरतों की साक्षरता है 


भोपाल की संस्कृति

दिवाली और ईद भोपाल के दो सबसे बड़े त्यौहार है इस दिन मिठाइयाँ और तोअफे आपस में बदले जाते है, दिवाली वाले दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है

ईद वाले दिन सभी हिन्दू अपने मुस्लिम दोस्तों के घर जाने के लिए समय निकालते है तथा उनको बधाई देते है तथा स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते है इस दिन की सबसे स्वादिष्ट पकवान सेवईया होता है

यह MP की राजधानी भोपाल की खासियत है यहाँ की संस्कृति में सभी हिन्दू तथा मुसलमान एक दुसरे के त्योहारों में एक दुसरे के घर जाते है तथा एक दुसरे के त्योहारों में भाग लेते है

गणेश और दुर्गा पूजा में गणेश तथा दुर्गा माता की पूजा की जाती है तथा उनकी झांकियां निकली जाती है, दशहरे के आख़री दिन विजय दशमी के दिन रावन को अलग-अलग जगह पर जलाया जाता है तथा इस अवसर पर मेला लगता है|


भोपाल के आर्किटेक्चर

भोपाल के नवाब ने बहुत सारी प्रसिद्द इमारते बनवाई है जिसमे से,ताज-उल-मस्सजिद और ताज महल पैलेस शामिल है, भारत भवन सबसे खास सांस्कृतिक केंद्र है यहाँ पर आर्ट दीर्धा भी है


भोपाल के उघोग

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड(bharat heavy electricals limited) मंडीदीप भोपाल में तेज़ी से बदलते औघोगिक क्षेत्रों में बगरोदा एकेवीएन, तमोट प्लास्टिक पार्क और अचारपुरा औघोगिक क्षेत्र भी शामिल है

वेलस्पं कोर्प लिमिटेड, वर्धमान इंडस्ट्रीज, ट्रिडेंट, लैप इंडिया और आईनाक्स एयर प्रोडक्शन प्राइवेट जैसी कंपनियों के साथ भारी निवेश कंपनिया है


भोपाल में शिक्षा

भोपाल में 550 से अधिक राज्य प्रायोजित स्कूल हैं, जिसमे से अधिकांश मध्य प्रदेश माध्यमिकशिक्षा बोर्ड से संबंधित है, इसमें तीन केंद्रीय विद्यालय है


इस शहर में सीबीएसई, आईसीएसई, एम्पीबीएसई, एनआईएसई और सीआईई बोर्ड शामिल है यहाँ पर आगे की शिक्षा लेने के लिए बहुत से कॉलेज तथा उनिवेर्सिटी है


भोपाल कई शोध संस्थान प्रदान करता है इसमें सी एसआईआर(CSIR), एएम्पीआरआई(AMPRI) और आईआईएसइआर(IISER) शामिल है |


भोपाल के खेल

भोपाल में ज्यादा हॉकी खेला जाता है, ऐशबाघ स्टेडियम और टीटी नगर स्टेडियम भोपाल के स्टेडियम है


मध्य प्रदेश की राजधानी(BHOPAL) के कुछ प्रसिद्ध पर्यटन  स्थल 


1.ताज-उल-मस्जिद

ताज-उल-मस्जिद
ताज-उल-मस्जिद

ताज-उल-मस्जिद भारत के भोपाल में स्थित एक मस्जिद है, ताज-उल-मस्जिद का मतलब मस्जिदों के बीच का ताज होता है यह एशिया के सबसे प्रसिद्द और विशालतम मस्जिदों में से एक है, इस मस्जिद को अल्लाह का गुम्बद भी कहा जाता है यह किसी को भी एक ही नज़र से मोह लेता है


2.नूर उस सबाह महल

नूर उस सबाह महल
नूर उस सबाह महल

 

रियासत बहावलपुर के नवाबों के पास बहुत दौलत थी उन्होंने अपने लोगो के विकास के लिया, दौलत का खुल के इस्तेमाल किया

और अपने हैसियत के अनुसार महल बनवाया, दौलत तो नही रही मगर उनकी कहानी सुनाने के लिए नवाबों की बनवाई हुई इमारतें मौजूद है


3.ट्राइबल म्यूजियम

ट्राइबल म्यूजियम
ट्राइबल म्यूजियम

 

इस संग्रहालय में 6 अलग-अलग कलाओं की शिल्प माध्यमों की दीर्घाएँ है

जिसमे जनजातीय जीवन की झलक, उनके परिवेश, खेल, संस्कृति, देवलोक आदि देखने को मिलते है मध्यप्रदेश की जनजातियों के जीवन, देशज ज्ञान, कला परंपरा और सौंदर्य बोध की विशिष्टा को स्थापित करता है|


4.मानव संग्रहालय

मानव संग्रहालय
मानव संग्रहालय

इस संग्रहालय का उद्देश्य भारत के विशेष सन्दर्भ में मानव तथा संस्कृति के विकास के इतिहास को प्रदर्शित करना यहसंग्रहालय शामला पहाड़ियों में 200 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है

यह भारत ही नही बल्कि पूरे एशिया में मानव जीवन को लेकर बनाया गया सबसे बड़ा संग्रहालय है इसे प्रगौतिहसिक काल से संबंधित माना जाता है |


5.शौर्य स्मारक

शौर्य स्मारक
शौर्य स्मारक

यह भोपाल शहर के केंद्र में अरेरा पहाडी पर स्थित है

भारत में अमर शहीदों के युद्ध तथा शौर्य गाथाओं की आम जनता को अनुभूति करने के लिए भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसे बनवाया गया था अभी के समय में यह मध्य प्रदेश का ही नही बल्कि पूरे भारत का प्रसिद्द स्मारक है |


6.बिरला मंदिर(लक्ष्मी नारायण मंदिर)

बिरला मंदिर(लक्ष्मी नारायण मंदिर)
बिरला मंदिर(लक्ष्मी नारायण मंदिर)

इसे लक्ष्मी नारायण मंदिर भी कहा जाता है यह मंदिर भोपाल के मालवीय नगर में स्थित है तथा यह अरोरा पहाडी के पास बनी झील के निकट है,

इस मदिर के पास एक संग्रहालय बना हुआ है जहाँ पर मध्य प्रदेश के रायसेन, सेहोर, मंदसौर और सहदोल आदि जगहों से लाई गयी मूर्तिया रखी गई है यहाँ पर भगवन विष्णु,शिव आदि भगवानों की मूर्तियाँ भी देखी जा सकती है |


7.साँची का स्तूप

साँची का स्तूप
 साँची का स्तूप

यह बेतवा नदी के किनारे भोपाल से 46 किलो मीटर पर स्थित है यहाँ पर कई बौद्ध स्मारक है यह माना जाता है की पुष्यमित्र ने इस स्तूप का ध्वंश किया होगा

और बाद में उसके पुत्र ने फिर इसका स्थापन किया होगा यह धर्म का प्रतीक है इसके ऊपर दो मंजिले जीने से पहुंचा जा सकता है इसका निर्माण बहुत ही एतिहासिक तरीके से किया गया है

 

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी के कुछ तथ्य

  • इस शहर ने भोपाल आपदा के बाद अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया इसमें जब एक कंपनी जिसका नाम युनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड कीटनाशक निर्माण संयंत्र ने मुख्य रूप से मिथाइल आइसोसैनेट से बनी विषैली गैसों के मिश्रण को लीक कर दिया जिससे यह हादसा दुनिया के सबसे ख़राब औघोगिक आपदाओं में से एक बन गया था
  • भोपाल को पी एम् मोदी द्वारा प्रमुख स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में चुना गया था
  • भोपाल को 2017, 2018 और 2019 में भारत की सबसे साफ़ शहरों की गिनती में शामिल किया गया
  • यह शहर देश का तीसरा सबसे बड़ा बस रैपिड सिस्टम बना जिसे बीआरटीएस के नाम से जाना जाता है
  • भारत के सबसे बड़े संग्रहालय भोपाल में है
  • इस शहर में भारत के बेहतरीन चिकित्सा विज्ञान, वानिकी, वास्तुकला, विज्ञान, फैशन, और कानून के संस्थान है

 

FAQs – Madhya Pradesh ki Rajdhani Kaha hai

सवाल : भोपाल किस की राजधानी है

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी है

सवाल : मध्य प्रदेश की जनसँख्या कितनी है ?

मध्यप्रदेश की जनसँख्या 2022 में 7.33 करोड़ है |

सवाल : मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा शहर कौन सा है ?

मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा शहर दमोह(damoh) है |

सवाल : मध्य प्रदेश में कितनी झीलें है ?

मध्य प्रदेश में कुल 32 झीलें है |

सवाल : मध्य प्रदेश क्यों प्रसिद्द है ?

मध्यप्रदेश अपनी संस्कृति के लिए और झीलों तथा पर्यटन के लिए बहुत प्रसिद्द है

सवाल : मध्य प्रदेश को और क्या कहा जाता है ?

मध्यप्रदेश को भारत का हृदय कहा जाता है क्योंकि ये भारत के मध्य में स्थित है तथा आस-पास अन्य राज्यों से घिरा हुआ है

 

Conclusion

आज के इस लेख में हमने मध्य प्रदेश के राजधानी के बारे में वह सभी जानकारियां एकत्रित की है और उनको जाना है जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

जैसे कि (madhya pradesh ki Rajdhani) की स्थापना कब और किसने की, इस का उपनाम क्या है, भोपाल में घूमने लायक कौन कौन से पर्यटक स्थल अवस्थित है और इससे संबंधित अन्य वे सभी तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी थे।

अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आए तो अपने बहुमूल्य कमैंट्स को हमारे लेख के कमेंट बॉक्स में जरूर टाइप करें ताकि आगे आने वाले समय में  हम इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक लेख हम आपके लिए लाते रहे। धन्यवाद

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