Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai

Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai : पृथ्वी अंतरिक्ष में मौजूद एक ग्रह है जिस पर की जीवन विद्यमान हैं और यह एकमात्र ग्रह है जहां पर जीवन पाया जाता है तथा पानी की प्रचुरता है

पृथ्वी पर कुछ काल्पनिक रेखाएं खींची गई है जिनको  अक्षांश और देशांतर रेखाएं कहा जाता है और इन्ही की सहायता से पृथ्वी पर स्थित विभिन्न स्थानों का समय निर्धारित किया जाता है

आज के इस लेख में हम इन्हीं अक्षांश और देशांतर रेखाओं को समझते हुए  यह जानेंगे कि Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai और यह किस जगह पर स्थित है

 

Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai
भारत का सबसे पूर्वी देशांतर कौन सा है

 

पृथ्वी पर खींची गई सीधी काल्पनिक रेखाओं को देशांतर कहा जाता है जबकि पृथ्वी पर खींची गई तिरछी रेखाओं को अक्षांश नाम दिया गया है, पृथ्वी पर देशांतर रेखाओं की संख्या 180 है तथा अक्षांश रेखाओं की संख्या भी 180 है जिन्हें आपस में जोड़ने पर हमें पृथ्वी पर 360 काल्पनिक रेखाएं दिखाई देती है

अंग्रेजी में अक्षांश रेखाओं को Latitude कहा जाता है जबकि देशांतर रेखाओं को Longitude कहा जाता है, इस तरह से पृथ्वी पर खींची गई सीधी लाइनों को देशांतर रेखाएं कहा जाता है और इनकी संख्या 180 हैं

 

Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai

 

bharat ka sabse purvi deshantar kaun sa hai

Eastern Longitude of India

भारत का सबसे पूर्वी देशांतर कौन सा है इसे समझने से पहले हमें यह देखना होगा कि देशांतर रेखाओं को कितने भागों में बांटा गया है और यह किस प्रकार से शुरू होती है

22 October 1884 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सम्मेलन का आयोजन किया गया था जो कि अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में हुआ, यहां पर यह निर्णय लिया गया कि इंग्लैंड में अंग्रेजों की रॉयल लैबोरेट्री ग्रीनविच से जीरो डिग्री देशांतर रेखा को माना जाएगा

इसी जीरो डिग्री देशांतर रेखा के बाई और इसी प्रकार की 90 रेखाएं खींची जाएगी और इसके दाई और इसी प्रकार की अन्य 90 रेखाएं खींची जाएगी

और उसी समय से इंग्लैंड में स्थित ग्रीनविच नामक स्थान से ही इन देशांतर रेखाओं की शुरुआत मानी जाती है, यदि पृथ्वी के गोलार्ध को देखा जाए तो भारत पृथ्वी के उत्तर पूर्वी गोलार्ध में स्थित हैं और भारत से साढ़े 82 डिग्री पूर्वी देशांतर रेखा गुजरती है

जोकि ग्रीनविच मीन टाइम से साढ़े 5 घंटे आगे हैं यानी कि अगर इंग्लैंड में 1:00 बजे है तो भारत में उस समय शाम के 6:30 बजे होंगे, भारत का सबसे पूर्वी देशांतर 97 डिग्री 25 मिनिट है जो कि अरुणाचल प्रदेश में स्थित है

अरुणाचल प्रदेश के किबिठू में भारत का सबसे पूर्वी देशांतर स्थित है जो कि एक भारत चाइना के मध्य विवादित बिंदु भी बना हुआ है

वहीं अगर भारत के सबसे पश्चिमी देशांतर को देखा जाए तो यह 68 डिग्री 7 मिनट है जिसके कारण भारत के पश्चिमी क्षेत्र व पूर्वी क्षेत्र में समय मे परिवर्तन दिखाई देता है

हालांकि पूरे भारत में एक ही टाइम जोन को अपनाया गया है जो कि साढे 82 डिग्री देशांतर रेखा से निर्धारित होता है इस कारण से भारत में एक ही समय चलता है परंतु यदि वास्तविक रूप से देखा जाए तो भारत में एक और टाइम जोन भी हो सकता है

भारत का सबसे पूर्वी देशांतर जो कि अरुणाचल प्रदेश के अंजू जिले के किबिठू गांव में है, वह चीन और म्यांमार की सीमा पर पड़ता है

Note : देशांतर रेखाएं पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने का कार्य करती है, इस कारण से इन रेखाओं को पृथ्वी को जोड़ने वाली रेखाएं भी कहा जाता है

भारत का सबसे पश्चिमी देशांतर कौन सा है

यह जानने के बाद की Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai अब यह जानना भी जरूरी है कि भारत का सबसे पश्चिमी देशांतर कौन सा है

भारत का सबसे पश्चिमी देशांतर 68 डिग्री 7 मिनट पर स्थित है और यह सुदूर पश्चिमी देशांतर भारत के गुजरात राज्य में स्थित है

इस प्रकार से भारत 68 डिग्री 7 मिनट पूर्वी देशांतर से लेकर 97 डिग्री 25 मिनट पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है और इसमें भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर स्क्वायर हैं और इसी कारण से भारत क्षेत्रफल में विश्व में सातवां स्थान रखता है

किसी भी देश के क्षेत्रफल की गणना उसके पूर्वी और पश्चिमी देशांतर से की जाती है अर्थात की उसके पूर्वी देशांतर से लेकर पश्चिमी देशांतर के मध्य जो भी क्षेत्रफल आता है वही क्षेत्रफल उस देश का कुल क्षेत्रफल माना जाता है

वहीं अगर पूर्वी देशांतर और पश्चिमी देशांतर की बात की जाए तो इन दोनों बिंदुओं के बीच लगभग 2 घंटे का अंतर है यानी कि अगर भारत के पश्चिमी देशांतर पर 4:00 बजेंगे तो उसी समय भारत के पूर्वी देशांतर पर 6:00 बजेंगे

इन दोनों स्थानों के बीच इतना ज्यादा समय अंतर इस कारण से होता है क्योंकि जब हम ग्रीनविच रेखा से पूर्व की ओर जाते हैं तो समय बढ़ता है जबकि वहीं ग्रीनविच रेखा से पश्चिम की ओर जाने पर समय घटता है


देशांतर रेखाएं क्या है

आप इतनी देर से देशांतर रेखाओं के बारे में पढ़ रहे हैं और यह जान चुके हैं कि भारत का पूर्वी देशांतर और पश्चिमी देशांतर कौन सा है तो अब आपको यह भी जान लेना चाहिए कि आखिर यह देशांतर रेखाएं होती क्या है

पृथ्वी के किसी एक स्थान को निर्धारित करके इन 180 देशांतर रेखाओं को खींचा गया है जो कि पूर्णता काल्पनिक है अर्थात की वास्तविक रूप में ऐसी कोई रेखाएं हमें दिखाई नहीं देती हैं

दो देशांतर रेखाओं के मध्य के स्थान को गौर कहा जाता है और वही दो अक्षांशों के मध्य के स्थान को कटिबंध कहा जाता है

जहां अक्षांश रेखा और देशांतर रेखाएं आपस में मिलती हैं उस स्थान को ग्रिड कहा जाता है, जीरो डिग्री ग्रीनविच रेखा और भूमध्य रेखा एक दूसरे को अटलांटिक महासागर में काटती हैं

जिस स्थान को जीरो डिग्री देशांतर रेखा के लिए सुनिश्चित किया गया था वह स्थान इंग्लैंड में स्थित है, जिसे की ग्रीनविच के नाम से जाना जाता है और इसी स्थान पर अंग्रेजों की रॉयल लेबोरेट्री स्थित है, इसी देशांतर रेखा से पूरे विश्व में समय का निर्धारण भी किया जाता है

अगर कोई देश ग्रीनविच रेखा के पश्चिम की ओर हैं तो उसका समय ग्रीनविच रेखा के समय से आगे होगा और वहीं अगर कोई देश इस ग्रीनविच रेखा के पूर्वी और हैं तो उसका समय ग्रीनविच रेखा के समय से पीछे होगा

उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो अमेरिका का समय ग्रीनविच रेखा के समय से पीछे होगा क्योंकि अमेरिका ग्रीनविच रेखा के पश्चिमी साइड में स्थित है, वही भारत का समय ग्रीनविच रेखा से आगे होगा क्योंकि भारत ग्रीनविच रेखा से पूर्वी साइड में स्थित है


देशांतर रेखाओं से समय निर्धारण

पृथ्वी पर खींची गई 180 देशांतर रेखाओं द्वारा ही पृथ्वी के समय का निर्धारण किया जाता है और पृथ्वी पर स्थित विभिन्न स्थानों का अलग-अलग समय इन्हीं देशांतर रेखाओं के कारण हमें दिखाई देता है

पृथ्वी पर कुल 24 टाइम जोन स्थित है जो कि विभिन्न क्षेत्रों के समय को निर्धारित करते हैं, यदि हम ग्रीनविच देशांतर रेखा के पूर्वी साइड में आगे बढ़ते हैं तो प्रति 15 डिग्री पर 1 घंटे की बढ़ोतरी होती है

वहीं दूसरी और अगर हम ग्रीनविच देशांतर रेखा के पश्चिमी साइड में आगे बढ़ते हैं तो प्रति 15 डिग्री पर 1 घंटे की घटोतरी होती है इसी कारण से भारत का समय ग्रीनविच टाइम जोन से साडे 5 घंटे आगे चलता हैयही कारण है

कि जब इंग्लैंड में कोई क्रिकेट मैच रात को चल रहा होता है तो वह भारत में हमें सुबह दिखाई देता है क्योंकि भारत का समय इंग्लैंड के समय से साडे 5 घंटे आगे चलता है


FAQs : Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai

सवाल : भारत को सबसे पूर्वी देशांतर कौन-सा है

भारत का सबसे पूर्वी देशांतर अरुणाचल प्रदेश के किबिठू में स्थित है जो कि 97 डिग्री 25 मिनट पर है

सवाल : भारत का सबसे पश्चिमी देशांतर कौन सा है?

भारत का सबसे पश्चिमी देशांतर 68 डिग्री 7 मिनट पर है जो कि भारत के गुजरात राज्य में स्थित है

सवाल : पृथ्वी पर कुल कितने काल्पनिक रेखाएं खींची गई है?

पृथ्वी पर कुल 360 काल्पनिक रेखाएं खींची गई है

सवाल : पृथ्वी पर अक्षांश रेखाओं की संख्या कितनी है?

पृथ्वी पर अक्षांश रेखाओं की संख्या 180 हैं

सवाल : पृथ्वी पर देशांतर रेखाओं की संख्या कितनी है?

पृथ्वी पर देशांतर रेखाओं की संख्या 180 हैं

सवाल : भारत का समय ग्रीनविच समय रेखा से कितने घंटे आगे हैं?

भारत का समय ग्रीनविच समय रेखा से लगभग साड 5 घंटे आगे हैं

सवाल : दो अक्षांशों के मध्य का क्षेत्र क्या कहलाता है?

दो अक्षांशों के मध्य का क्षेत्र कटिबंध कहलाता है

सवाल : दो देशांतर के मध्य का क्षेत्र क्या कहलाता है?

दो देशांतर के मध्य का क्षेत्र गौर कहलाता है

सवाल : ग्रीनविच रेखा को और अन्य किस नाम से जाना जाता है?

ग्रीनविच रेखा को प्रधान मध्यान रेखा व याम्योत्तर रेखा के नाम से जाना जाता है

सवाल : भूमध्य रेखा क्या है?

भूमध्य रेखा पृथ्वी को दो सामान भागों में बांटती है और यह एक अक्षांश रेखा की श्रेणी में आने वाली रेखा है


Conclusion

आशा करते हैं कि आपको आज का हमारा ये लेख Bharat Ka Sabse Purvi Deshantar Kaun Sa Hai पसंद आया होगा

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